अमेरिका का रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए और ज्यादा युद्धपोत भेजने पर विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और सऊदी न्यूज की 13 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा इस समुद्री रास्ते को बंद किए जाने के बाद अमेरिका यह कदम उठा रहा है। इस तनाव के कारण फिलहाल 200 से ज्यादा कमर्शियल जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से होकर जाता है, जिसे सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका अब नौसेना को उतारने की तैयारी में है।

युद्धपोत भेजने पर अमेरिका की क्या है तैयारी?

अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बताया है कि नौसेना अभी तुरंत जहाजों की सुरक्षा के लिए तैयार नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि नौसेना का पूरा फोकस ईरान की हमलावर क्षमता को खत्म करने पर है। हालांकि, मार्च 2026 के अंत तक नौसेना सुरक्षा मिशन शुरू कर सकती है। अमेरिकी सेना ने रास्ता साफ करने के लिए इसी हफ्ते ईरान के 16 से 28 माइन-लेइंग (समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने वाले) जहाजों को नष्ट किया है। ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट का कहना है कि जैसे ही सैन्य रूप से संभव होगा, नौसेना अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के साथ मिलकर तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करना शुरू करेगी।

ईरान की चेतावनी और जहाजों पर हुए हमले

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ऐलान किया है कि वह इस रास्ते को बंद रखेंगे। इसके साथ ही ईरान के IRGC ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नौसेना के किसी भी मूवमेंट का जवाब मिसाइल और ड्रोन से दिया जाएगा। हाल ही के घंटों में इस समुद्री क्षेत्र में तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले हुए हैं, जिनमें थाईलैंड का जहाज Mayuree Naree भी शामिल है। लगातार हो रहे इन हमलों के कारण कमर्शियल जहाजों के क्रू को जहाज छोड़कर जाना पड़ा है। इसी वजह से अमेरिका ने कमर्शियल शिपिंग को सशस्त्र सुरक्षा देने का फैसला लिया है।

तेल सप्लाई और शिपिंग कंपनियों पर इसका असर

Strait of Hormuz से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और LNG सप्लाई होता है। इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर बड़ा असर पड़ा है और जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं:

  • समुद्र में 200 से अधिक जहाज लंगर डाले हुए हैं जो सुरक्षित रास्ता न होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
  • शिपिंग कंपनियों को नुकसान से बचाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक नया प्लान बनाया है।
  • अमेरिकी सरकार DFC के जरिए कमर्शियल जहाजों को राजनीतिक जोखिम बीमा और वित्तीय गारंटी देगी ताकि वे दोबारा अपना काम शुरू कर सकें।
  • पेंटागन के अधिकारी और जनरल डैन केन जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए कई अलग-अलग सैन्य विकल्पों पर काम कर रहे हैं।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.