अमेरिका, फिलीपींस और उनके साथी देशों ने मिलकर ‘Balikatan’ नाम का अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इसमें हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं और कई तरह की लाइव-फायर ड्रिल की जा रही है। यह अभ्यास इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और आपसी तालमेल को मजबूत करने के लिए किया गया है।

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इस सैन्य अभ्यास में कौन शामिल है और क्या है खास

इस एक्सरसाइज का 41वां राउंड 20 अप्रैल से 8 मई 2026 तक चलेगा। इसका आधिकारिक आगाज़ 20 अप्रैल को कैंप अगुइनाल्डो, क्विज़ोन सिटी में हुआ। इस बार जापान और कनाडा पहली बार इसमें पूरी तरह से हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही ब्रिटेन, चेक रिपब्लिक और पोलैंड जैसे 17 से 18 देश बतौर ऑब्जर्वर इस अभ्यास को देख रहे हैं।

ट्रेनिंग और ड्रिल की पूरी जानकारी

ट्रेनिंग के दौरान हवा, जमीन, समुद्र, स्पेस और साइबर डोमेन का इस्तेमाल किया गया। इसमें समुद्री सुरक्षा, तटीय रक्षा और बचाव कार्यों की प्रैक्टिस की जा रही है। जापान की सेना इस अभ्यास में टाइप 88 मिसाइल दागेगी, जबकि फिलीपींस की ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल केवल सिमुलेशन के जरिए किया जाएगा।

विवरण जानकारी
कुल सैनिक 17,000 से ज्यादा
मुख्य सहभागी देश फिलीपींस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा, फ्रांस, न्यूजीलैंड
नए पूर्ण सदस्य जापान और कनाडा
फिलीपींस कोस्ट गार्ड 500 जवान और 4 जहाज
मुख्य इवेंट जहाज डुबाने का अभ्यास और लाइव-फायर ड्रिल
ऑब्जर्वर देश 17 से 18 देश (यूके, पोलैंड आदि)

बड़े अधिकारियों और चीन का क्या कहना है

अमेरिकी जनरल क्रिश्चियन वोर्टमैन ने साफ किया कि यह ड्रिल किसी खास देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सिर्फ आपसी भरोसे और तैयारी के लिए है। फिलीपींस के जनरल रोमियो ब्राउनर ने इसे देश की रक्षा क्षमता बढ़ाने वाला कदम बताया। दूसरी तरफ, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने चेतावनी दी कि विदेशी सेनाओं के आने से इलाके की स्थिरता को खतरा हो सकता है और टकराव बढ़ सकता है।