अमेरिका में पलटी हवा, छह राज्यों के डेमोक्रेटिक मतदाताओं ने इसराइल को हथियार देने का किया विरोध.

Praggya Singh sabal26 August 20262 min read44 viewsWorld
अमेरिका में पलटी हवा, छह राज्यों के डेमोक्रेटिक मतदाताओं ने इसराइल को हथियार देने का किया विरोध.

अमेरिका की राजनीति में इसराइल को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक नए सर्वे में सामने आया है कि छह प्रमुख राज्यों के डेमोक्रेटिक मतदाता अब इसराइल को अमेरिकी सैन्य सहायता और हथियार भेजने के पूरी तरह खिलाफ हैं। यह सर्वे यूगोव (YouGov) द्वारा आईएमईयू पॉलिसी प्रोजेक्ट (IMEU Policy Project) के लिए किया गया था जिसे 24 अगस्त 2026 को जारी किया गया। इस रिपोर्ट के आने के बाद से अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में विदेश नीति पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।

पोल से जुड़े मुख्य आंकड़े और राज्य

इस सर्वे को 4 अगस्त से 10 अगस्त 2026 के बीच किया गया था जिसमें 4,000 से ज्यादा डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इस सर्वे का मार्जिन ऑफ एरर +/- 2 प्रतिशत बताया गया है। जिन छह अहम प्राइमरी राज्यों के मतदाताओं से राय ली गई उनमें साउथ कैरोलिना (South Carolina), नेवादा (Nevada), न्यू Hampshire, न्यू मैक्सिको (New Mexico), मिशिगन (Michigan) और वर्जिनीया (Virginia) शामिल हैं। इन सभी जगहों पर बहुमत के आंकड़े ने इस बात पर जोर दिया कि इसराइल को मिलने वाली मदद में कटौती होनी चाहिए क्योंकि यह उनके आने वाले चुनावों में वोट देने के फैसले को तय करने वाला एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।

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गाजा की स्थिति और प्रतिबंधों का समर्थन

साल 2025 और 2026 के दौरान लगातार बदली हुई जनता की सोच को यह पोल और ज्यादा पुख्ता करता है। इन छह राज्यों के ज्यादातर लोगों का मानना है कि इसराइल गाजा में नरसंहार कर रहा है और वे देश पर कड़े प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं। हालांकि 26 अगस्त 2026 तक अमेरिकी या इसराइली सरकार के किसी भी आधिकारिक प्रतिनिधि की तरफ से इस सर्वे पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इसके बावजूद राजनीतिक माहौल में साफ बदलाव देखा जा सकता है।

अमेरिकी संसद में भी उठ रही आवाजें

जनता की बदलती सोच का असर अब अमेरिकी नेताओं के बयानों में भी साफ दिखने लगा है। बीते जुलाई 2026 में हाउस डेमोक्रेटिक लीडर हकीम जेफ्रीज (Hakeem Jeffries) ने इस बात को माना था कि अमेरिकी मिडिल ईस्ट नीति में बदलाव की जरूरत है। हालांकि उन्होंने इसराइल से 3.3 अरब डॉलर की मदद वापस लेने वाले एक विधाई संशोधन का विरोध किया था। इसके अलावा कांग्रेस के कई अन्य डेमोक्रेटिक सदस्यों ने भी यह साफ कह दिया है कि बिना किसी शर्त के इसराइल को मदद देने का दौर अब खत्म हो चुका है और इस रिश्ते पर फिर से विचार करने की जरूरत है।

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