अमेरिका ने ईरान पर लगाया गंभीर आरोप, राष्ट्रपति ट्रंप बोले प्रदर्शनकारियों की हो रही है बड़े पैमाने पर हत्या

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 अगस्त 2026 को ईरान की सरकार पर कड़ा प्रहार किया और देश में प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या में हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस पूरी स्थिति को एक बड़ा मानवीय संकट बताया और तुरंत इस हिंसा को रोकने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि विफल हो चुके इस्लामिक गणराज्य ने अपने सैन्य बल के कई हिस्सों को वेतन देना भी बंद कर दिया है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और नए प्रतिबंध
यह बयान अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent की ओर से 24 अगस्त 2026 को की गई घोषणा के ठीक बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने 'Operation Economic Outcast' नाम के एक बड़े अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करना है। इस नई पहल के तहत डिजिटल एसेट, टेक्नोलॉजी, सोना, विमानन और शिपिंग से जुड़े क्षेत्रों में ईरान के राजस्व स्रोतों को निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिका ने ईरान के परमाणु, मिसाइल, साइबर और तेल क्षेत्रों से जुड़े 60 से अधिक संगठनों, व्यक्तियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। सचिव स्कॉट बेसेंट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी को चेतावनी दी है कि जो भी देश या संस्था ईरान की आर्थिक गतिविधियों में मदद करेगी, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
ईरान की प्रतिक्रिया और सैन्य अधिकारियों का बयान
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका के इन सभी कदमों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने इन प्रतिबंधों को अमेरिका की हार का खुला कबूलनामा बताया है। उनका कहना है कि आर्थिक युद्ध का सहारा लेना इस बात का सबूत है कि अमेरिका के पहले के वे दावे गलत साबित हो रहे हैं जिनमें वह ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म करने की बात कहता था। इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी नए प्रतिबंधों को अमेरिकी सैन्य असफलता की मौन स्वीकृति करार दिया है।
शांति वार्ता और कूटनीतिक प्रयास
दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते भी तलाश किए जा रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf शांति वार्ताओं को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इस संघर्ष को समाप्त करने में अपनी रुचि दिखाई है, बशर्ते ईरान के पास रणनीतिक बढ़त बनी रहे। इसके अलावा 24 अगस्त 2026 को पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir तेहरान पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के सीधे संदेश के बाद तेहरान में अधिकारियों से मुलाकात की और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने तथा शत्रुता को समाप्त करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
मानवाधिकारों की स्थिति और मौत के आंकड़े
ईरान के अंदर मानवाधिकारों की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है और वहां लगातार फांसी दिए जाने की खबरें आ रही हैं। हाल ही में हुई सजा के तहत 23 अगस्त 2026 को मजीद आदिनेह को फांसी दी गई, जबकि उससे पिछले हफ्ते शहरम सादेकी को भी मौत की सजा दी गई थी। इसके अलावा 20 अगस्त 2026 को एक अफगान नागरिक गाएम हुसैनी को भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों की हत्या के आरोप में फांसी दे दी गई। साल 2025 से 2026 के बीच हुई हिंसक घटनाओं और नरसंहार में मरने वालों की संख्या 25 जनवरी 2026 तक 6,488 से लेकर 36,500 से अधिक तक आंकी गई है।