अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े एक अहम इलाके में आज रात बड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। वाशिंगटन के कैनेडी सेंटर में एक मीटिंग के दौरान ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के 30 माइन-लेइंग जहाज तबाह कर दिए हैं। अमेरिकी सेना अब तक ईरान के 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले कर चुकी है। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका की इस कार्रवाई से ईरान के मिसाइल लॉन्च में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 95 प्रतिशत तक की कमी आई है। इन हालात का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां के तेल व्यापार पर पड़ रहा है।

खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव का असर सऊदी अरब, यूएई और कतर पर भी देखने को मिल रहा है। इन देशों में रहने वाले लोगों और हवाई यात्रा करने वालों के लिए पिछले 24 घंटे काफी संवेदनशील रहे हैं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Dubai International Airport) पर एक ड्रोन हमले के कारण कुछ देर के लिए विमानों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी। दुबई पुलिस ने सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट स्ट्रीट और टनल को भी कुछ समय के लिए बंद किया था। नीचे कुछ प्रमुख हमले और बचाव की जानकारी दी गई है:

  • Dubai: एयरपोर्ट के पास ड्रोन से फ्यूल टैंक पर हमला हुआ, लेकिन आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।
  • Qatar: ईरान की तरफ से 14 बैलिस्टिक मिसाइल दागे गए, जिनमें से 13 को हवा में ही रोक कर नष्ट कर दिया गया।
  • Saudi Arabia: रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी इलाके (Eastern Province) में 7 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है।

अंतरराष्ट्रीय देशों का रुख और कच्चे तेल के दाम

हॉर्मुज का रास्ता फिलहाल अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए लगभग बंद है। इसे खोलने के लिए ट्रंप ने ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, जापान और साउथ कोरिया समेत 7 देशों से अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। हालांकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि उनके बेस का इस्तेमाल केवल बचाव के लिए होगा, न कि ईरान पर सीधे हमले के लिए। ऑस्ट्रेलिया ने भी अपना युद्धपोत भेजने से मना किया है, लेकिन निगरानी के लिए यूएई में एयरक्राफ्ट भेजा है। खाड़ी देशों ने भी अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर आक्रामक हमले के लिए नहीं होना चाहिए। इन सैन्य कार्रवाइयों के बीच कच्चे तेल (Brent crude) का भाव 105 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 94.62 डॉलर पर आ गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.