अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पूरी तरह बंद, UAE ने भी ईरान के साथ व्यापार और वित्तीय लेनदेन किया सस्पेंड.

खाड़ी देशों में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ सभी तरह की बातचीत को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। यह बड़ा ऐलान 19 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social के जरिए किया गया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ इस समय कोई भी बातचीत न तो चल रही है और न ही कोई बैठक तय की गई है। इस फैसले के बाद अमेरिका और ईरान के रिश्ते और ज्यादा खराब हो गए हैं और इसका असर वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप Uniindia पर पढ़ सकते हैं।
संघर्ष विराम खत्म और कड़े प्रतिबंध
इससे पहले 17 अगस्त 2026 को 60 दिनों का इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU खत्म हो गया था, जो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच एक अस्थायी युद्धविराम के तौर पर काम कर रहा था। इस अस्थायी समझौते के खत्म होने के बाद ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कर दिया है कि तेहरान अब किसी भी तरह के छोटे या अस्थायी समझौते को नहीं मानेगा। ईरान की मांग है कि इस संघर्ष का पूरी तरह और हमेशा के लिए अंत होना चाहिए। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी टीम को कड़े आदेश देते हुए ईरान पर और ज्यादा सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद और UAE का बड़ा कदम
ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसेना की नाकाबंदी नहीं हटाता, तेल पर लगे प्रतिबंध खत्म नहीं करता, जमे हुए पैसों को वापस नहीं करता और सभी सैन्य धमकियों को बंद नहीं करता, तब तक Strait of Hormuz पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि यह जलडमरूमध्य अमेरिकी नौसेना के कंट्रोल में चालू है और उन्होंने इसे अपने नक्शे पर नया अमेरिकी क्षेत्र तक बता दिया है। दूसरी तरफ, क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते UAE यानी संयुक्त अरब अमीरात ने 19 अगस्त 2026 को ईरान के साथ अपने सभी वित्तीय और व्यापारिक लेन-देन को सस्पेंड करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। यूएई ने यह कदम तब उठाया जब उनके देश की तरफ दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के आरोप सामने आए।
प्रवासी भारतीयों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ Ali Abdollahi ने फारसी खाड़ी के देशों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सैन्य अभियानों में किसी भी तरह की मदद न करें। इस तनाव भरे माहौल में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al Ansari ने 18 अगस्त 2026 को बताया कि तेहरान और ओमान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर कोई समझौता होता है, तो वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को दोबारा शुरू करने का एक जरिया बन सकता है। खाड़ी देशों में इस तरह के तनाव से वहां नौकरी और कारोबार के सिलसिले में रहने वाले लाखों प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।