अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump अब ईरान के खिलाफ नए सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। उन्हें इस बारे में जानकारी दी जाएगी कि ईरान के बुनियादी ढांचे (infrastructure) पर छोटे लेकिन शक्तिशाली हमले कैसे किए जा सकते हैं। अमेरिका का मकसद इस कदम से शांति वार्ता में आई रुकावट को खत्म करना और ईरान पर दबाव बनाना है।
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ट्रंप को क्या जानकारी दी जाएगी
30 अप्रैल 2026 को US Central Command (CENTCOM) के कमांडर Admiral Brad Cooper राष्ट्रपति ट्रंप को सैन्य विकल्पों की ब्रीफिंग देंगे। इस मीटिंग में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के जनरल Dan Caine भी शामिल हो सकते हैं। मुख्य रूप से इन बातों पर चर्चा होगी:
- ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले छोटे और असरदार हमले।
- ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए सैन्य दबाव बनाना।
- व्यापारिक जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण करना।
- ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करने के लिए स्पेशल फोर्सेस का ऑपरेशन चलाना।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव
दोनों देशों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रही नौसैनिक नाकाबंदी काफी असरदार है। वहीं दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है और कहा है कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी नहीं हटती, यह रास्ता बंद रहेगा।
तनाव के बीच एक साइबर हमला भी सामने आया है। ‘Handala’ नाम के एक ईरानी साइबर ग्रुप ने दावा किया है कि उन्होंने 2,000 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य कर्मियों और अधिकारियों की निजी जानकारी लीक कर दी है। इसमें उनके नाम और घर के पते शामिल हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ कौन से सैन्य विकल्प देख रहा है
राष्ट्रपति ट्रंप को बुनियादी ढांचे पर छोटे और शक्तिशाली हमलों के विकल्पों के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण और परमाणु यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करने के लिए स्पेशल फोर्सेस के ऑपरेशन पर भी विचार हो रहा है।
ईरान ने अमेरिका की नाकाबंदी पर क्या प्रतिक्रिया दी है
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। ईरानी सुरक्षा स्रोतों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रही तो वे इसका कड़ा और अभूतपूर्व जवाब देंगे।