अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान ने अपनी नौसेना और एयरक्राफ्ट की ताकत खो दी है। रिपोर्ट और व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार ईरान की नौसेना अब युद्ध के लायक नहीं बची है। अमेरिका के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले किए गए जिसके बाद ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपनी आजादी खो चुका है।

ईरान की नौसेना और एयरक्राफ्ट को कितना नुकसान हुआ?

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के अंदर 5,500 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के 50 से अधिक सैन्य जहाजों को तबाह कर दिया गया। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के पास खदान बिछाने वाले 16 ईरानी जहाजों को भी नष्ट किया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि ईरान के मिसाइल लॉन्च और ड्रोन हमलों में 90 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई है। अमेरिका ने इस ऑपरेशन में USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford जैसे बड़े युद्धपोत लगाए हैं। इसके अलावा भूमिगत मिसाइल ठिकानों को खत्म करने के लिए B-2 Spirit स्टेल्थ बॉम्बर का इस्तेमाल किया गया।

आम नागरिकों और ग्लोबल मार्केट पर क्या असर पड़ेगा?

इस युद्ध के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए CENTCOM ने चेतावनी जारी की है कि लोग बंदरगाह वाले इलाकों से पूरी तरह दूर रहें। वहीं ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए IEA ने 400 मिलियन बैरल तेल का रिजर्व जारी किया। इससे तेल की कीमतों में उछाल नहीं आएगा जिसका सीधा फायदा गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले यात्रियों को होगा क्योंकि हवाई किराये और महंगाई पर नियंत्रण रहेगा। इसके अलावा स्टेट डिपार्टमेंट ने पुष्टि की कि मध्य पूर्व से 43,000 से अधिक अमेरिकियों को सुरक्षित वापस उनके देश लाया जा चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार अमेरिका अपने तय समय से आगे चल रहा है और यह युद्ध जल्द खत्म होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.