अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ़ तौर पर कहा है कि ईरान को अब यूरेनियम संवर्धन करने की इजाजत नहीं मिलेगी। यह घोषणा इस्लामाबाद में होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों से ठीक पहले की गई है, जिससे दुनिया भर की निगाहें अब अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर टिक गई हैं।

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ट्रंप प्रशासन ने यूरेनियम संवर्धन पर क्यों लगाई रोक?

अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार का मानना है कि परमाणु सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ईरान की यूरेनियम गतिविधियों पर लगाम लगाना जरूरी है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले से यह साफ़ हो गया है कि अमेरिका अब ईरान के परमाणु मसले पर कोई समझौता नहीं करना चाहता। आगामी दिनों में इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता के दौरान भी इसी मुद्दे को प्रमुखता से रखा जाएगा।

इस्लामाबाद वार्ता और ईरान पर इसके असर

  • अमेरिका अब ईरान को यूरेनियम तैयार करने की अनुमति नहीं देगा।
  • इस्लामाबाद में होने वाली मीटिंग में अमेरिका अपने इस नए स्टैंड की पूरी जानकारी देगा।
  • इस फैसले के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम की भविष्य की दिशा तय होगी।
  • अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस बयान को काफी गंभीरता से देखा जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान से खाड़ी देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के परिणामों पर सबकी नज़र रहेगी क्योंकि यह ईरान के साथ वैश्विक संबंधों की नई दिशा तय कर सकता है। अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा चिंताओं के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।