अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि उनकी सेना अभी कुछ समय और Gulf क्षेत्र में ही तैनात रहेगी। यह जानकारी उन्होंने पेरिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की तैयारी चल रही है जिससे पूरे इलाके की स्थिति बदल सकती है।
ईरान के साथ समझौते की तैयारी
अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते (MOU) पर 14 जून 2026 को डिजिटल हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसका औपचारिक signing कार्यक्रम 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई है। साथ ही, इस डील के बाद ईरान को फिर से तेल निर्यात शुरू करने की अनुमति मिल जाएगी।
इस MOU के बाद परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे तकनीकी मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि इस समझौते से ईरान की अर्थव्यवस्था को अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत मिलेगी।
Trump की चेतावनी और सैन्य मौजूदगी
भले ही समझौता करीब है, लेकिन राष्ट्रपति Trump ने सख्त लहजे में कहा कि यह अभी पूरी तरह फाइनल नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर देगा। उन्होंने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर दूसरे देशों के पास ऐसे हथियार हैं तो ईरान के पास न होना थोड़ा गलत है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता Captain Tim Hawkins ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगों (demining) को हटाने के काम में लगी हुई है। राष्ट्रपति Trump ने कहा कि शुक्रवार तक यह समुद्री रास्ता पूरी तरह खुल जाएगा और यह हमेशा के लिए टोल-फ्री रहेगा।
बाजार पर असर
ईरान के साथ डील और समुद्री रास्ता खुलने की खबरों का असर ग्लोबल मार्केट पर तुरंत दिखा। Brent crude तेल की कीमतें गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गईं और शेयर बाजार के आंकड़ों में बढ़त देखी गई।