अमेरिका अब इसराइल और लेबनान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए बहुत बड़ी तैयारी कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया है कि इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun के बीच जल्द ही सीधी बातचीत होगी। यह मुलाकात अगले दो हफ्तों के भीतर हो सकती है, जिससे इस इलाके में सालों पुराना युद्ध खत्म होने की उम्मीद जगी है।

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अमेरिका क्या चाहता है और क्या गारंटी दे रहा है?

अमेरिकी दूतावास ने बेरुत में एक बयान जारी कर साफ किया है कि इस बातचीत के जरिए लेबनान को उसकी पूरी संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। अमेरिका ने वादा किया है कि वह लेबनान की मदद करेगा ताकि वह Hezbollah जैसे समूहों से खुद को बचा सके। इसके साथ ही अमेरिका ने लेबनान के पुनर्निर्माण और मानवीय सहायता देने की बात भी कही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, विदेश मंत्री Marco Rubio और उपराष्ट्रपति JD Vance इस पूरी प्रक्रिया पर करीब से नजर रख रहे हैं।

लेबनान और इसराइल की क्या शर्तें हैं?

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun युद्ध खत्म करने के लिए इसराइल से संबंध सामान्य करने को तैयार हैं और वह अमेरिका द्वारा तारीख तय किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन लेबनान ने कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है:

  • इसराइल को लेबनान पर अपने हमले तुरंत रोकने होंगे।
  • कब्जे वाले सभी इलाकों से इसराइल की सेना को पीछे हटना होगा।
  • sogenannte ‘बफर जोन’ या येलो लाइन के विचार को छोड़ना होगा।
  • लेबनानी कैदियों को रिहा करना होगा और सीमाओं का सही निर्धारण करना होगा।

वहीं, इसराइल की मुख्य मांग यह है कि Hezbollah को लिटानी नदी के पार धकेला जाए और संगठन को पूरी तरह निशस्त्र किया जाए।

हिजबुल्लाह और सऊदी अरब का क्या स्टैंड है?

लेबनान के अंदर इस बातचीत को लेकर दो फाड़ हो गए हैं। Hezbollah और स्पीकर Nabih Berri सीधी बातचीत के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि सीधी बातचीत बेकार है और पहले युद्धविराम और सेना की वापसी होनी चाहिए। दूसरी तरफ, सऊदी अरब भी मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, लेकिन लेबनान के अंदर चल रही राजनीतिक खींचतान की वजह से सऊदी के प्रयासों में मुश्किलें आ रही हैं।

हाल ही में वाशिंगटन डीसी में दोनों देशों के राजदूतों के बीच दो दौर की बैठकें हुई थीं, जिसके बाद 17 अप्रैल से एक संक्षिप्त युद्धविराम लागू हुआ था। हालांकि, इसके बाद भी इसराइल ने Hezbollah के कई कमांड सेंटरों पर हमले जारी रखे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इसराइल लेबनान से अपनी सेना हटाएगा?

अमेरिका का कहना है कि अगर राष्ट्रपति ट्रम्प की मदद से नेतन्याहू और औन के बीच सीधी बातचीत सफल रहती है, तो इसराइल की सेना दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह पीछे हट सकती है।

लेबनान ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

लेबनान ने मांग की है कि इसराइल अपने हमले रोके, कब्जे वाले क्षेत्रों से सेना हटाए, बफर जोन खत्म करे और लेबनानी कैदियों को रिहा करे।