अमेरिका ने Strait of Hormuz में तनाव कम करने और व्यापार को फिर से शुरू करने के लिए ‘Project Freedom’ नाम का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया है कि उनका मकसद इस समुद्री रास्ते की स्थिति को पहले जैसा सुरक्षित बनाना है। इस समय करीब 23,000 नाविक फंसे हुए हैं जिन्हें बचाने के लिए अमेरिकी सेना मैदान में उतरी है।

‘Project Freedom’ क्या है और अमेरिका इसे क्यों चला रहा है?

राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश पर 4 मई को ‘Project Freedom’ की शुरुआत हुई। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य समुद्री व्यापार को दोबारा चालू करना और ईरानी हमलों से जहाजों को बचाना है। अमेरिका ने इस ऑपरेशन के लिए करीब 15,000 सैनिकों, गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और 100 से ज्यादा विमानों को तैनात किया है।

  • मिशन का स्वरूप: यह एक रक्षात्मक अभियान है और केवल तभी कार्रवाई होगी जब अमेरिका पर हमला किया जाएगा।
  • ताज़ा अपडेट: दो अमेरिकी व्यापारिक जहाज और डेनमार्क की कंपनी Maersk का एक जहाज अमेरिकी सुरक्षा के बीच इस रास्ते से गुजर चुके हैं।
  • सैनिक बल: US Central Command (CENTCOM) और US Navy इस पूरे ऑपरेशन की कमान संभाल रहे हैं।

ईरान का क्या कहना है और UAE पर हमले की क्या खबर है?

ईरान ने इस अमेरिकी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। ईरान की मिलिट्री ने दावा किया है कि Strait of Hormuz पर उनका पूरा कंट्रोल है और किसी भी बाहरी सेना के आने पर हमला किया जाएगा। वहीं, UAE सरकार ने बताया कि 4 और 5 मई को ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले हुए, हालांकि ईरान ने इन हमलों से इनकार किया है।

इस तनाव के बीच राष्ट्रपति Trump ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ईरान की 7 छोटी मिलिट्री नावों को तबाह कर दिया क्योंकि वे ‘Project Freedom’ के रास्ते में बाधा डाल रही थीं। दूसरी तरफ, ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा कि ईरान ने अभी अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल शुरू भी नहीं किया है।

फंसे हुए नाविकों और जहाजों की स्थिति क्या है?

इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के मुताबिक, इस समुद्री विवाद के कारण लगभग 2,000 जहाजों में 20,000 से ज्यादा नाविक फंसे हुए हैं। ये लोग 87 अलग-अलग देशों के हैं। अमेरिका का कहना है कि वह इन बेगुनाह नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए काम कर रहा है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth और जॉइंट चीफ्स चेयरमैन Dan Caine ने बताया कि यह मिशन अस्थायी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 8 अप्रैल को ईरान के साथ हुआ सीज़फायर अभी भी कायम है, भले ही समुद्र में झड़पें हो रही हों। दक्षिण कोरिया भी इस स्थिति पर नजर रखे हुए है क्योंकि उसके एक मालवाहक जहाज पर ईरानी हमले की खबर आई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz में फंसे लगभग 23,000 नागरिक नाविकों को बचाना और व्यापारिक जहाजों के लिए समुद्री रास्ता फिर से सुरक्षित बनाना है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया है?

नहीं, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि 8 अप्रैल को हुआ सीज़फायर अभी भी लागू है और ‘Project Freedom’ केवल एक रक्षात्मक और अस्थायी अभियान है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.