अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अपना सैन्य ऑपरेशन ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू होने के सिर्फ 48 घंटे बाद ही रोक दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता में बड़ी प्रगति का दावा करते हुए यह फैसला लिया। इस खबर के बाद ईरान की सेना IRGC ने भी अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है और जलमार्ग के लिए नए नियमों का ऐलान किया है।

🚨: अमेरिका और ईरान के बीच खत्म होगी जंग, ट्रंप ने भेजा शांति प्रस्ताव, 48 घंटे में आएगा बड़ा फैसला.

प्रोजेक्ट फ्रीडम को अचानक क्यों रोका गया?

अमेरिका ने 4 मई 2026 को वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए इस मिशन की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन में 15,000 सैन्यकर्मी, 100 से ज़्यादा विमान और मिसाइल विध्वंसक शामिल थे। लेकिन 5 मई की रात को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया। ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर ईरान के साथ एक अंतिम समझौते की दिशा में काम चल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान शर्तों को नहीं मानता है, तो पहले से कहीं ज़्यादा तीव्रता के साथ बमबारी की जाएगी।

ईरान के नए नियम और जहाजों का रास्ता

मिशन रुकने के बाद 6 मई को IRGC ने घोषणा की कि अब होर्मुज जलमार्ग से सुरक्षित और स्थिर तरीके से गुज़रना संभव है। लेकिन इसके लिए जहाजों को ईरानी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। अब सभी जहाजों को ईरान से परमिट लेना होगा और IRGC द्वारा तय किए गए गलियारों (corridors) का पालन करना होगा। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि अब इस जलमार्ग में ट्रांजिट उसकी निगरानी और नियंत्रण के तहत ही होगा।

पाकिस्तान की भूमिका और बाज़ार पर असर

इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में काम किया है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस मिशन को रोकने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की है कि तेहरान अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर विचार कर रहा है और जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया देगा। शांति की इस खबर के बाद दुनिया भर के शेयर बाज़ार में उछाल आया है और तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी अभी भी जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या था और इसका मकसद क्या था?

यह अमेरिका का एक सैन्य मिशन था जो 4 मई 2026 को शुरू हुआ था। इसका मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाना और आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करना था।

ईरान ने जहाजों के लिए अब क्या शर्त रखी है?

ईरान ने नए पारगमन प्रोटोकॉल लागू किए हैं। अब जहाजों को IRGC से परमिट लेना होगा और केवल ईरान द्वारा निर्धारित गलियारों से ही गुज़रना होगा, तभी उन्हें सुरक्षित मार्ग मिलेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.