अमेरिका ने Strait of Hormuz में जहाजों की मदद के लिए ‘Project Freedom’ शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक मानवीय मिशन बताया है ताकि फंसे हुए जहाजों और उनके क्रू को सुरक्षित निकाला जा सके। लेकिन ईरान ने इस कदम को अपनी सीमा का उल्लंघन बताया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

Project Freedom क्या है और अमेरिका ने इसे क्यों शुरू किया?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social के ज़रिए इस ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह मिशन उन तटस्थ और मासूम देशों के जहाजों की मदद के लिए है जिनके क्रू सदस्य वहां फंसे हुए हैं और उनके पास राशन कम हो गया है। इस मिशन को चलाने के लिए अमेरिका ने भारी सैन्य ताकत तैनात की है:

  • सैनिक: लगभग 15,000 सर्विस मेंबर्स को तैनात किया गया है।
  • हवाई ताकत: 100 से ज़्यादा ज़मीन और समुद्र आधारित विमानों का इस्तेमाल होगा।
  • जहाज़: गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और कई ड्रोन प्लेटफॉर्म तैनात किए गए हैं।
  • मिशन का तरीका: अमेरिकी नौसेना जहाजों को सीधे एस्कॉर्ट नहीं करेगी, बल्कि उनके आसपास रहकर नज़र रखेगी और हमला होने पर हस्तक्षेप करेगी। साथ ही, सुरक्षित रास्तों (mine-free lanes) की जानकारी साझा की जाएगी।

ईरान का रिएक्शन और समुद्र में बढ़ता खतरा

ईरान ने अमेरिका के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीज़ी ने कहा कि Strait of Hormuz में अमेरिका की मौजूदगी एक ‘रेड लाइन’ है और इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस ऐलान को खारिज कर दिया है।

तनाव के बीच, 4 मई 2026 को एक टैंकर पर अज्ञात मिसाइलों से हमला होने की खबर आई है। इससे पहले 3 मई को भी एक बल्क कैरियर पर हमला हुआ था। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत कर रहे हैं, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इन चर्चाओं में परमाणु समझौते की कोई बात नहीं है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य Strait of Hormuz में फंसे हुए उन कमर्शियल जहाजों को रास्ता दिखाना और उनकी मदद करना है जो तटस्थ देशों के हैं और जिनके क्रू सदस्य राशन की कमी से जूझ रहे हैं।

क्या अमेरिकी नौसेना जहाजों को सीधा एस्कॉर्ट करेगी?

नहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि नौसेना के जहाज़ फॉर्मल एस्कॉर्ट नहीं करेंगे, बल्कि वे आसपास मौजूद रहेंगे और हमला होने पर बचाव करेंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.