लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे भारी तनाव को कम करने के लिए अमेरिका ने एक नया प्लान पेश किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस संबंध में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग बातचीत की है। इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच जारी हिंसक झड़पों को रोकना और शांति स्थापित करना है। हालांकि, इस प्लान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अमेरिका के नए प्रस्ताव में क्या है और नेताओं की क्या है प्रतिक्रिया
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस नए शांति प्रस्ताव में कहा गया है कि ईरान समर्थित हिजबुल्लाह इसराइल पर अपने सभी हमले पूरी तरह बंद कर देगा। इसके बदले में, इसराइल बेरूत और लेबनान के अन्य हिस्सों में अपनी सैन्य कार्रवाई को रोक देगा। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने और इस पर समझौता करने की इच्छा जताई है।
दूसरी तरफ, लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी की प्रतिक्रिया काफी निराशाजनक रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नबीह बेरी ने हिजबुल्लाह की तरफ से युद्धविराम की गारंटी तो दी, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि पहले इसराइल को अपनी गोलाबारी रोकनी होगी। अमेरिकी प्रशासन ने हिजबुल्लाह की आलोचना करते हुए कहा है कि वह लेबनानी लोगों के कल्याण के बजाय ईरान के इशारों पर काम कर रहा है।
जमीन पर क्या हैं हालात और अब तक कितना हुआ नुकसान
इस कूटनीतिक प्रयास के बीच, जमीन पर तनाव लगातार बना हुआ है। इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेना को लेबनान के अंदर और आगे बढ़ने का आदेश दिया था। 31 मई को इसराइली सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट कैसल और एक रणनीतिक पहाड़ी पर नियंत्रण कर लिया था।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 2 मार्च से शुरू हुए इस सैन्य अभियान के बाद से अब तक लेबनान में काफी नुकसान हुआ है। नुकसान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल मौतें: 3,412 लोगों की जान जा चुकी है।
- घायलों की संख्या: 10,269 लोग घायल हुए हैं।
- सैन्य नियंत्रण: इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा कर लिया है।
इस संकट को सुलझाने के लिए इस हफ्ते वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल के प्रतिनिधियों के बीच एक और दौर की बातचीत होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका के इस शांति प्रस्ताव का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इस प्रस्ताव का मुख्य लक्ष्य हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच जारी हमलों को रुकवाना है ताकि क्षेत्र में शांति के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जा सके और आम लोगों को राहत मिल सके।
लेबनान में इस सैन्य संघर्ष से अब तक कितना नुकसान हुआ है?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से 31 मई 2026 तक इस संघर्ष में 3,412 लोगों की मौत हुई है और 10,269 लोग घायल हुए हैं।
