अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 जुलाई 2026 को एक नई नीति का ऐलान किया है, जिसमें ईरान के फ्रीज किए गए पैसों का इस्तेमाल नुकसान की भरपाई के लिए करने का प्रस्ताव है। इसी दिन अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका उन पैसों का उपयोग अपने खाड़ी सहयोगियों (Gulf allies) को ईरान द्वारा पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई के लिए करना चाहता है। Scott Bessent ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि ईरान की तरफ से होने वाला हर हमला उनके लिए आर्थिक संकट को और गहरा करेगा।
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कानूनी दांव-पेच और विवाद
इस प्रस्ताव में करीब $24 बिलियन के फ्रीज किए गए ईरानी एसेट्स को इस्तेमाल करने की योजना है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के पास इसे जब्त करने का कोई मजबूत कानूनी आधार नहीं है। साल 1977 के कानून के तहत कांग्रेस ने ऐसी जब्ती की शक्तियों को सीमित कर दिया था और ये अधिकार आमतौर पर युद्ध की स्थिति में ही मिलते हैं।
ईरान और खाड़ी देशों का रुख
ईरान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा है कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है और फ्रीज किए गए एसेट्स को छोड़ना शांति वार्ता का जरूरी हिस्सा है। वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने साफ किया कि ईरान की संपत्ति युद्ध की लूट नहीं है। इस मुद्दे पर खाड़ी देशों ने फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
