अमेरिका और कतर मिलकर ईरान के उन अरबों डॉलर को खोलने की योजना बना रहे हैं जो अभी फ्रीज हैं। यह पैसा मुख्य रूप से ईरान में दवाइयों और खाने-पीने के सामान जैसी मानवीय जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगा। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश इस पर काम कर रहे हैं ताकि आम लोगों की मदद हो सके।

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क्या है पूरा मामला

यह मामला 6 अरब डॉलर के फंड से जुड़ा है। यह पैसा सितंबर 2023 में कतरी खातों में डाला गया था, जब अमेरिका और ईरान के बीच कैदियों की अदला-बदली हुई थी। इस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ दवा, खाना और मेडिकल सामान खरीदने के लिए होना था। लेकिन अक्टूबर 2023 में हमास के हमलों के बाद इस पैसे के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी।

अब इस पैसे पर कतर के सेंट्रल बैंक और अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की निगरानी रहेगी ताकि इसका सही इस्तेमाल हो। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि वे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करने का पूरा समर्थन करते हैं ताकि विवादों को शांति से सुलझाया जा सके।

बातचीत और शर्तें

स्विट्जरलैंड में इन मुद्दों पर तकनीकी बातचीत होनी थी, लेकिन स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इसे फिलहाल टाल दिया गया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने साफ किया कि ईरान को उसके पैसे तभी मिलेंगे जब वह अपनी शर्तों को पूरा करेगा। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने 19 जून 2026 को कहा था कि अगर तय समय सीमा निकल गई, तो ईरान को कोई पैसा नहीं मिलेगा।

नया समझौता और बदलाव

ताजा जानकारी के अनुसार, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक ‘पीस पैक्ट’ या समझौता हुआ है ताकि पश्चिम एशिया में दुश्मनी खत्म हो सके। इसके तहत अमेरिका ने पैसे के इस्तेमाल का तरीका बदला है। अब इस फंड से ईरान अमेरिका के उन सामानों को खरीद सकेगा जिन्हें मानवीय मदद के लिए छूट मिली हुई है। इससे दोनों देशों को फायदा होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.