Hormuz Strait Tensions: अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाई सख्ती, 59 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट और 3 को किया निष्क्रिय

फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे वहां से गुजरने वाले जहाजों और खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। अमेरिका के केंद्रीय कमान US Central Command (CENTCOM) ने 12 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी को फिर से लागू करने के बाद से कुल 59 कमर्शियल जहाजों को दूसरे रास्ते पर मोड़ दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने 3 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया और 2 जहाजों पर सवार हो गए। इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों आने-जाने वाले जहाजों को रोकना है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से नियंत्रण है और उन्होंने इस नाकेबंदी को स्टील की दीवार बताया है।
ओमान की खाड़ी में हुई घटना और ईरान का कड़ा रुख
इससे पहले 11 अगस्त को ओमान की खाड़ी में एक बड़ी घटना घटी थी, जहां अमेरिकी नौसेना ने पनामा के झंडे वाले कार्गो जहाज VELA NOVA पर कथित तौर पर गोलीबारी की और उसे निष्क्रिय कर दिया। यह जहाज अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 12 अगस्त को यह भी कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताएं अब कमजोर हो चुकी हैं और उनका नेतृत्व अस्थिर है। हालांकि, ईरानी फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है और तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक ईरान की सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। कतर में मध्यस्थों ने ईरान और ओमान के बीच इस जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर चल रही उन्नत बातचीत की घोषणा की है, जिसके तहत उत्तर और दक्षिण दिशा के लिए अलग-अलग शिपिंग रूट बनाए जा सकते हैं।
अन्य क्षेत्रों में हमले और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर असर
क्षेत्रीय तनाव केवल होर्मुज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर दूसरे जलमार्गों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने बाब एल-मंडेब जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमला कर दिया। हूती विद्रोहियों का दावा था कि इस जहाज पर सऊदी सैन्य उपकरण ले जाए जा रहे थे। इस हमले में 6 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयल्टी समाचार एजेंसी को यह जानकारी दी कि वाशिंगटन के साथ संघर्ष विराम के विस्तार को लेकर इस समय कोई बातचीत नहीं चल रही है। इस बीच, इस्राइल रक्षा बलों Israel Defense Forces (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल Eyal Zamir ने इस नाकेबंदी को ईरान के आर्थिक संकट को और गहरा करने के मामले में बेहद प्रभावी बताया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों के लिए इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी हो गया है, क्योंकि किसी भी बड़े संघर्ष का सीधा असर समुद्री व्यापार और विमानन सेवाओं पर पड़ता है।