इजरायल में आज अमेरिका के कई नए और ताकतवर विमान पहुंचे हैं। इनमें हवा में ईंधन भरने वाले खास रिफ्यूलिंग विमान शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है और बताया है कि ये विमान इजरायल की सैन्य क्षमता को काफी बढ़ा देंगे, जिससे वे दूरदराज के इलाकों में ऑपरेशन चला सकेंगे।

👉: Kuwait में ट्रैफिक पुलिस की बड़ी छापेमारी, 121 लोग Residency नियमों के उल्लंघन में गिरफ्तार, गाड़ियां भी हुईं जब्त

अमेरिका के KC-46 विमान और यह बड़ा सौदा क्या है

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने 4 मई 2026 को घोषणा की कि वे इजरायल को KC-46 नाम का पहला रिफ्यूलिंग विमान सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। इजरायल में इस विमान को गिदोन (Gideon) के नाम से पुकारा जाता है। यह एक बड़े सौदे का हिस्सा है जिसमें कम से कम छह KC-46 विमान शामिल हैं। इन विमानों को इजरायल की जरूरतों के हिसाब से खास सिस्टम के साथ तैयार किया जाएगा ताकि उनकी उड़ान की दूरी बढ़ सके। यह पूरी योजना 350 अरब शेकेल के एक बड़े रक्षा बजट का हिस्सा है, जिसका मकसद अगले 10 साल तक इजरायली वायुसेना को सबसे ताकतवर बनाए रखना है।

इन विमानों का इस्तेमाल और ट्रंप का बयान

इन रिफ्यूलिंग विमानों का मुख्य काम लड़कू विमानों को हवा में ही तेल देना है। इससे इजरायल की वायुसेना को यह रणनीतिक फायदा मिलेगा कि वह ईरान के अंदरूनी और गहरे इलाकों में मौजूद लक्ष्यों तक पहुंच सकेगी और लंबे समय तक वहां ऑपरेशन चला पाएगी। इसी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी साफ किया कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की तैनाती और उनकी मौजूदगी लगातार जारी रहेगी।

बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमानों की बढ़ती संख्या

इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अमेरिकी विमानों का आना नया नहीं है। फरवरी 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, तब भी 6 अतिरिक्त रिफ्यूलिंग विमान वहां भेजे गए थे। उस दौरान 4 ‘KC-46’ और 4 ‘KC-135’ विमान पहुंचे थे, जिससे उस समय एयरपोर्ट पर कुल 8 रिफ्यूलिंग विमान मौजूद थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

KC-46 विमान इजरायल के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं

ये विमान हवा में ही अन्य लड़ाकू विमानों को ईंधन भरने की सुविधा देते हैं, जिससे इजरायली वायुसेना बिना रुके ईरान जैसे दूर स्थित लक्ष्यों तक हमला कर सकती है।

इस सैन्य सौदे का कुल बजट कितना है

यह विमानन सौदा 350 अरब शेकेल के एक बड़े रक्षा बजट का हिस्सा है, जो इजरायल की हवाई श्रेष्ठता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.