ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दुनिया भर में हलचल मची है. रूस ने ईरान का सारा संवर्धित यूरेनियम अपने पास लेने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. इस वजह से अब परमाणु हथियारों को रोकने की कोशिशों में एक बड़ा झटका लगा है.

रूस ने क्या प्रस्ताव दिया था और अमेरिका ने क्यों मना किया?

रूस ने जून 2025 में पहली बार यह प्रस्ताव रखा था कि वह ईरान का सारा यूरेनियम अपने देश ले जाएगा. क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि अमेरिका ने इस बात के लिए मना कर दिया है. अमेरिका का मानना है कि इससे रूस का प्रभाव बहुत बढ़ जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की कोई गारंटी नहीं मिलेगी. अमेरिका चाहता है कि ईरान पर यूरेनियम बनाने की स्थायी पाबंदी लगे.

बातचीत क्यों टूटी और डोनाल्ड ट्रंप का क्या कहना है?

हाल ही में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई थी. अमेरिका ने 20 साल के लिए यूरेनियम बनाने पर रोक लगाने का सुझाव दिया था, लेकिन ईरान ने केवल 5 साल की बात कही. इस वजह से 21 घंटे चली बातचीत फेल हो गई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह 20 साल की रोक से खुश नहीं हैं और चाहते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने की क्षमता बिल्कुल न रहे.

इस विवाद से जुड़े अन्य बड़े अपडेट्स क्या हैं?

  • रूस के राजनयिक कोंस्टेंटिन वोरोंोत्सोव ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर अमेरिका और इसराइल के हमलों की कड़ी निंदा की है.
  • ईरान ने सुझाव दिया था कि वह अपने यूरेनियम को IAEA की निगरानी में खुद ही कम कर लेगा.
  • अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अब रूसी और ईरानी तेल खरीदने की छूट नहीं देगा.