अमेरिका ने सीरिया पर से हटाया आतंकवाद का दाग, 47 साल पुराना बैन खत्म.

अमेरिका ने सीरिया को लेकर एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अमेरिकी सरकार ने 24 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर सीरिया को आतंकवाद के प्रायोजक देशों की लिस्ट यानी State Sponsors of Terrorism List से पूरी तरह बाहर कर दिया है। यह बैन करीब 47 साल पुराना था, जिसे सबसे पहले 29 दिसंबर 1979 को सीरिया के ऊपर लगाया गया था। इस बड़े कदम से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने जुलाई 2026 में कांग्रेस को इसकी आधिकारिक जानकारी दी थी और इसके बाद 45 दिन की कांग्रेस समीक्षा प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस पूरी प्रक्रिया के बारे में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट OFAC Recent Actions पर पूरी जानकारी साझा की है। इस बदलाव के बाद अब सीरिया पर आतंकवाद से जुड़े नियमों और प्रतिबंधों का असर नहीं पड़ेगा।
आतंकी संगठन अल-नुस्रह फ्रंट पर भी बड़ा एक्शन
इस बड़े फैसले के साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने अल-नुस्रह फ्रंट, जिसे Hay'at Tahrir al-Sham (HTS) के नाम से भी जाना जाता है, उसका दर्जा भी बदल दिया है। इस संगठन को ग्लोबल आतंकी सूची से हटा दिया गया है। इसके बाद अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भी इस समूह को अपनी प्रतिबंधित और ब्लॉक की गई सूचियों से बाहर कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम मध्य पूर्व की राजनीति और कूटनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्रीय हालात पर गहरा असर पड़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
दिग्गज नेताओं ने फैसले पर क्या कहा
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि यह कदम सीरिया के राष्ट्रपति Ahmad al-Sharaa की उन सकारात्मक कोशिशों को मान्यता देता है जिनके जरिए उन्होंने देश को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से दूर रखने का वादा किया था। इसके अलावा ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और आर्थिक स्थिरता लाना है। वहीं, राष्ट्रपति के विशेष दूत Tom Barrack ने इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया जिससे सीरियाई लोगों का अलग-थलग रहना अब खत्म हो जाएगा। सीरिया के विदेश मंत्री Assad al-Shaibani ने इस फैसले को कूटनीति की बड़ी जीत बताया है, जबकि सीएनबीए और सेंट्रल बैंक के प्रमुख Safwat Raslan ने कहा कि इस कदम से सीरिया एक बार फिर से वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से जुड़ गया है। तुर्किए के दूत Nuh Yilmaz ने इसे सीरिया के अंतरराष्ट्रीय एकीकरण में आखिरी रुकावट का दूर होना बताया है। इसके अलावा अल जज़ीरा से बातचीत में अमेरिका के पूर्व दूत Michael Ratney ने भी इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि इससे सीरिया की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।