अमेरिकी वायु सेना ने मध्य पूर्व में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 17 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने 9 F-35A Lightning II फाइटर जेट्स को यूरोप से हटाकर मध्य पूर्व में तैनात करने की प्रक्रिया शुरू की। इन लड़ाकू विमानों को फ्रांस के Istres Air Base के जरिए भेजा जा रहा है ताकि U.S. Central Command (CENTCOM) के अधिकार क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
सैन्य तैनाती में बड़ा बदलाव
इस तैनाती में KC-135R Stratotankers भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये टैंकर विमान पहले सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base से फ्रांस गए थे ताकि लंबी दूरी की इस उड़ान को पूरा करने में मदद मिल सके। अमेरिकी सरकार ने यह फैसला हाल ही में क्षेत्र से F-22 रैप्टर लड़ाकू विमानों की वापसी के बाद लिया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिका की रक्षा क्षमताओं को और अधिक असरदार बनाना है।
मिसाइल सिस्टम में भी बदलाव
हवाई सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अमेरिका केवल फाइटर जेट्स ही नहीं भेज रहा है, बल्कि 15 जुलाई से उसने अपने THAAD और Patriot मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से निकालकर मध्य पूर्व में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। पेंटागन इस दौरान अपनी यूरोप में तैनात सैन्य टुकड़ियों की भी समीक्षा कर रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को नए सिरे से तय किया जा सके।
