अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर मिलने वाली विशेष छूट को वापस ले लिया है। Strait of Hormuz में हुए टैंकर हमलों के बाद अमेरिका ने यह बड़ा कदम उठाया है। इस फैसले से ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है और अब उसे अपने तेल के बदले डॉलर में पैसा मिलने में बड़ी मुश्किल होगी।
अमेरिकी सरकार ने ‘General License X’ नाम की एक विशेष राहत दी थी, जिसे अब समय से पहले ही खत्म कर दिया गया है। इस छूट के जरिए ईरान बैंकिंग, बीमा और शिपिंग के कामों के लिए अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल कर पा रहा था। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि समुद्र में ईरान की हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और इसके नतीजे भुगतने होंगे।
यह राहत 22 जून 2026 को दी गई थी और इसे 21 अगस्त तक चलना था, लेकिन हमलों के बाद इसे पहले ही बंद कर दिया गया। इससे पहले स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद ईरान ने वादा किया था कि वह समुद्र में जहाजों का रास्ता साफ रखेगा और IAEA के निरीक्षकों को देश में आने देगा।
इस फैसले से ईरान को अरबों डॉलर का नुकसान होने की उम्मीद है। खाड़ी क्षेत्र में ईरान का करीब 67 मिलियन बैरल कच्चा तेल फंसा हुआ है, जिससे उसे 8 से 9 अरब डॉलर का घाटा हो सकता है। हालांकि, अमेरिका ने यह भी कहा है कि शांति समझौते के लिए बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं।
| विवरण | डेटा/कीमत |
|---|---|
| Brent Crude की कीमत | 77.7 डॉलर प्रति बैरल |
| U.S. WTI की कीमत | 73.9 डॉलर प्रति बैरल |
| अनुमानित नुकसान | 8 से 9 अरब डॉलर |
| फंसा हुआ कच्चा तेल | 67 मिलियन बैरल |
| राहत का नाम | General License X |
| राहत जारी होने की तारीख | 22 जून 2026 |
| राहत खत्म होने की तय तारीख | 21 अगस्त 2026 |
