अमेरिका ने ईरान के तेल की बिक्री को अनुमति देने वाले एक जनरल लाइसेंस को खत्म कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि अब ईरान और रूस दोनों के तेल के लिए लाइसेंस रिन्यू नहीं किए जाएंगे ताकि इन देशों की कमाई को रोका जा सके।
यह लाइसेंस 20 मार्च 2026 से 30 दिनों के लिए लागू था। इसके जरिए उन जहाजों से तेल बेचने की अनुमति दी गई थी जो पहले से ही समुद्र में मौजूद थे। इसमें जहाजों की सुरक्षित डॉकिंग, इमरजेंसी रिपेयर और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े जरूरी कामों की इजाजत शामिल थी।
बता दें कि इससे पहले 22 जून 2026 को एक अस्थायी लाइसेंस दिया गया था, जो 21 अगस्त 2026 तक वैध था। यह कदम वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही बातचीत के दौरान उठाया गया था। पिछले दो हफ्तों के अंदर ईरान के समुद्री तेल से जुड़ी छूट को रद्द करने का यह तीसरा मौका है।
ट्रेजरी विभाग ने यह भी बताया कि यह लाइसेंस सिर्फ उस तेल के लिए था जो पहले से रास्ते में था। हालांकि दक्षिण कोरिया, क्यूबा और होर्मुज क्षेत्र के जरिए कुछ वित्तीय लेन-देन की छूट दी गई थी, लेकिन उन कंपनियों को इसमें शामिल नहीं किया गया जो अमेरिकी वित्तीय सिस्टम में ब्लैकलिस्टेड हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस फैसले के बाद ग्लोबल मार्केट में ईरानी तेल की कमी हो जाएगी। इससे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से तेल के दाम पहले से ही काफी अस्थिर हैं।
