अमेरिकी सरकार ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। US State Department ने उन लोगों के लिए 15 मिलियन डॉलर के इनाम का ऐलान किया है जो ईरान की IRGC द्वारा किए जा रहे अवैध तेल शिपमेंट की जानकारी देंगे। इस कदम का मकसद उन नेटवर्क को तोड़ना है जो दुनिया भर में आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाते हैं।

किसे मिलेगा इनाम और क्या देनी होगी जानकारी?

  • यह इनाम US State Department के Rewards for Justice (RFJ) प्रोग्राम के तहत दिया जाएगा।
  • जानकारी देने वाले व्यक्ति को तेल ले जाने वाले टैंकरों, कंपनियों या उन लोगों के बारे में बताना होगा जो इस अवैध काम में मदद कर रहे हैं।
  • इसमें उन फ्रंट कंपनियों की जानकारी भी मांगी गई है जो प्रतिबंधों से बचने के लिए बनाई गई हैं।
  • जानकारी देने वाले व्यक्ति को इनाम के साथ-साथ दूसरी जगह बसने यानी relocation की सुविधा भी मिल सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर शिकंजा क्यों कसा?

अमेरिकी सरकार के प्रवक्ता Tommy Pigott ने बताया कि ट्रंप प्रशासन अब उन वित्तीय नेटवर्क को निशाना बना रहा है जिससे IRGC को पैसा मिलता है। अमेरिका का कहना है कि IRGC और IRGC-Quds Force जैसे संगठन इस पैसे का इस्तेमाल दुनिया भर में आतंकवाद फैलाने के लिए करते हैं।

इसी कड़ी में अमेरिका ने हाल ही में IRGC के तेल बिक्री विभाग और तीन बड़े अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। यह पूरी कार्रवाई Executive Order (E.O.) 13224 के तहत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य उन संस्थाओं और लोगों को रोकना है जो ईरान की आतंकी गतिविधियों और प्रॉक्सी समूहों जैसे हमास और हिजबुल्ला की मदद करते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

US सरकार कितना इनाम दे रही है?

US State Department के Rewards for Justice प्रोग्राम के जरिए अवैध तेल शिपमेंट की जानकारी देने वालों को 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम दिया जा रहा है।

यह कार्रवाई किसके खिलाफ की गई है?

यह कार्रवाई ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) और उन टैंकरों या संस्थाओं के खिलाफ है जो उनके अवैध तेल व्यापार में मदद करते हैं।