सोमवार, 25 मई 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov के बीच फोन पर एक महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध, दोनों देशों के आपसी संबंधों और ईरान के हालात पर गंभीर चर्चा की। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने अमेरिका को कीव में बड़े हमलों को लेकर आगाह किया है और अपने राजनयिकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने की सलाह दी है।

रूसी विदेश मंत्री ने कीव पर हमले और दूतावास खाली करने को लेकर क्या कहा?

रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने अमेरिकी विदेश मंत्री को जानकारी दी कि रूस अब कीव में फैसला लेने वाले मुख्य केंद्रों और सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले शुरू करने जा रहा है। रूस का कहना है कि यह कार्रवाई रूसी क्षेत्र में नागरिकों पर हुए हमलों के जवाब में की जा रही है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से सिफारिश की है कि वे कीव से अपने राजनयिकों और नागरिकों को तुरंत बाहर निकालें। हालांकि, यूरोपीय संघ की राजदूत Katarina Mathernova सहित कई यूरोपीय नेताओं ने कीव छोड़ने से मना कर दिया है।

अमेरिका-ईरान वार्ता और 12 अरब डॉलर के फंड पर क्या बातचीत हुई?

इस फोन कॉल में ईरान के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच 12 अरब डॉलर के फ्रीज फंड को लेकर बातचीत चल रही है। ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi शामिल हैं, 25 मई को कतर पहुंचा है। ईरान की मांग है कि किसी भी समझौते से पहले उसे इस फंड का एक्सेस दिया जाए। अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई खराब समझौता नहीं करेंगे और कूटनीति को पूरा मौका दिया जाएगा। इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और परमाणु मामलों पर बातचीत की शर्तें भी शामिल हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी और रूसी विदेश मंत्रियों के बीच क्या बातचीत हुई?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच यूक्रेन युद्ध, द्विपक्षीय संबंधों और ईरान के हालात को लेकर चर्चा हुई। इसमें रूस ने कीव पर सैन्य हमलों की चेतावनी दी है।

ईरान और अमेरिका के बीच कतर में क्या चर्चा चल रही है?

कतर की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच 12 अरब डॉलर के फ्रीज फंड को जारी करने, प्रतिबंधों में ढील देने और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर बातचीत चल रही है।