अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ़ कहा है कि जो कंपनियां ईरान की एयरलाइंस के साथ व्यापार करेंगी, उन पर अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं। यह कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ‘Economic Fury’ कैंपेन के तहत उठाया गया है।
किन सेवाओं पर लगेगी पाबंदी और क्या है नया नियम?
Scott Bessent ने विदेशी सरकारों से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके देश की कंपनियां ईरान की एयरलाइंस को किसी भी तरह की सुविधा न दें। उन्होंने खासतौर पर इन सेवाओं का जिक्र किया है
- विमानों के लिए जेट फ्यूल (ईंधन) देना
- केटरिंग की सुविधा प्रदान करना
- लैंडिंग फीस लेना
- विमानों का रखरखाव और मेंटेनेंस करना
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने साफ़ कर दिया है कि वह उन सभी तीसरे पक्षों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा जो ईरान की संस्थाओं के साथ व्यापार या सुविधा साझा करेंगे।
हाल ही में ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
अमेरिका ने पिछले कुछ दिनों में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। इसमें हथियारों की सप्लाई और तेल व्यापार को रोकना शामिल है।
- 21 अप्रैल 2026 को OFAC ने ईरान, तुर्की और UAE के 14 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए। ये लोग हथियारों और ड्रोन के पुर्जे पहुंचाने में शामिल थे। इसमें Mahan Air का नाम भी सामने आया है।
- 24 अप्रैल 2026 को चीन की कंपनी Hengli Petrochemical और करीब 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों पर पाबंदी लगाई गई ताकि ईरान के तेल व्यापार को बाधित किया जा सके।
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या प्रस्ताव रखा?
इन सख्त प्रतिबंधों के बीच 27 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ से एक प्रस्ताव आया है। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा ले और चल रहा संघर्ष खत्म करे, तो वह Strait of Hormuz को फिर से खोल सकता है। इसके बाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ सकती है।