अमेरिका की ट्रंप सरकार ने इराक में ईरान से जुड़े सात मिलिशिया कमांडरों पर कड़े प्रतिबंध लगाए। इन कमांडरों पर अमेरिकी सैनिकों और संपत्तियों पर हमले करने की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने का आरोप लगाया गया। यह कार्रवाई उन समूहों के खिलाफ की गई जो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ मिलकर काम करते हैं।

किन समूहों के कमांडरों पर कार्रवाई हुई?

इस कार्रवाई में मुख्य रूप से चार बड़े समूहों को निशाना बनाया गया। इनमें Kataib Hezbollah, Harakat al-Nujaba, Kata’ib Sayyid al-Shuhada और Asaib Ahl Al-Haq शामिल हैं। इन सभी संगठनों को अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी और विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में रखा है। ये समूह इराक की सुरक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था में दखल देने के लिए जाने जाते हैं।

प्रतिबंधों का असल असर क्या होगा?

इन प्रतिबंधों को Executive Order 13224 के तहत लागू किया गया, जिसे अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का OFAC ऑफिस संभालता है। इसके तहत इन कमांडरों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। अब कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उनके साथ कोई व्यापार या लेन-देन नहीं कर सकेगी।

अमेरिकी अधिकारियों ने इस बारे में क्या कहा?

अमेरिकी प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। तत्कालीन विदेश मंत्री Mike Pompeo ने कहा कि इराकी लोग अपने देश में सुधार और जवाबदेही चाहते हैं। ट्रेजरी सचिव Steven Mnuchin ने भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। वहीं, State Department के Tommy Pigott ने चेतावनी दी कि मिलिशिया की हिंसा का समर्थन करने वालों को इसका परिणाम भुगतना होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.