अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. US Treasury ने अब ईरान की एविएशन सेक्टर यानी हवाई जहाजों के कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका ने दुनिया भर के देशों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने ईरान की एयरलाइंस की मदद की, तो उन्हें भी सजा भुगतनी होगी.

अमेरिका ने ईरान की एयरलाइंस पर क्या पाबंदियां लगाई हैं?

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ कहा है कि ईरान की एयरलाइंस के साथ व्यापार करना जोखिम भरा है. अमेरिका ने अन्य देशों और कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे ईरान की फ्लाइट्स को ये सेवाएं न दें:

  • विमान ईंधन: हवाई जहाजों के लिए तेल की सप्लाई न करें.
  • कैटरिंग सेवाएं: फ्लाइट में खाना और ड्रिंक्स उपलब्ध न कराएं.
  • लैंडिंग फीस: एयरपोर्ट पर उतरने के लिए कोई शुल्क न लें.
  • मेंटेनेंस: जहाजों की मरम्मत या सर्विसिंग का काम न करें.

ईरान पर हाल ही में और क्या कार्रवाई हुई है?

अमेरिका ने सिर्फ फ्लाइट्स ही नहीं, बल्कि ईरान के पैसे और तेल कारोबार पर भी शिकंजा कसा है. पिछले कुछ दिनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं:

तारीख कार्रवाई विवरण
22 अप्रैल 2026 हथियार नेटवर्क पर बैन ईरान, तुर्की और UAE के 14 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध.
24 अप्रैल 2026 पैसे और तेल पर वार चीनी कंपनी Hengli Petrochemical पर बैन और 344 मिलियन डॉलर की डिजिटल संपत्ति फ्रीज.
28 अप्रैल 2026 एविएशन सेक्टर ईरानी एयरलाइंस के साथ व्यापार करने वालों को चेतावनी.

अमेरिका की इस ‘Economic Fury’ रणनीति का क्या मतलब है?

अमेरिकी प्रशासन अब ‘Economic Fury’ यानी आर्थिक गुस्से वाली नीति अपना रहा है. इसका मकसद ईरान की सरकार के पास आने वाले पैसे के रास्तों को पूरी तरह बंद करना है. अमेरिका चाहता है कि ईरान की सरकार पैसा न कमा सके और न ही उसे कहीं भेज सके. यह सब तब हुआ जब ईरान ने अपनी राजधानी तेहरान के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिर से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू की थीं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या UAE और तुर्की के लोग भी इन प्रतिबंधों से प्रभावित होंगे?

हां, 22 अप्रैल को लगाए गए प्रतिबंधों में UAE और तुर्की के कुछ लोग और कंपनियां शामिल थीं, जो ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम में मदद कर रहे थे.

अमेरिका ने डिजिटल संपत्ति कितनी फ्रीज की है?

अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरान से जुड़ी लगभग 344 मिलियन डॉलर की डिजिटल एसेट्स को फ्रीज कर दिया है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com