अमेरिका ने ईरान की मिलिट्री को कमजोर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. US Treasury Department ने चीन और हांगकांग की 10 कंपनियों और लोगों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन पर आरोप है कि ये लोग ईरान को ‘शाहेद’ (Shahed) ड्रोन बनाने के लिए हथियार और जरूरी सामान पहुँचा रहे थे.
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अमेरिका ने किन कंपनियों और लोगों पर प्रतिबंध लगाया है?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने कुल 10 लोगों और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है. इनमें चीन और हांगकांग की कई कंपनियां शामिल हैं. इन कंपनियों ने ईरान की मिलिट्री को ड्रोन के पुर्ज़े और कच्चा माल मुहैया कराया था. जानकारी के मुताबिक, Xiamen Victory Technology जैसी कंपनियों ने ड्रोन के लिए इंजन सप्लाई किए थे. वहीं Harxon Corporation ने एंटी-जैमिंग एंटीना देने का काम किया था. पेमेंट के लेन-देन को छिपाने के लिए हांगकांग की शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था.
इस कार्रवाई के पीछे क्या नियम और कारण हैं?
यह कार्रवाई नेशनल सिक्योरिटी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम 2 (NSPM-2) के तहत की गई है. इसका मकसद ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को रोकना और उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना है. ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान ग्लोबल एनर्जी मार्केट को ब्लैकमेल कर रहा है और मिसाइलों से हमला कर रहा है, इसलिए उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा. यह प्रतिबंध एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13382 और 13224 के तहत लगाए गए हैं, जो आतंकवाद और सामूहिक विनाश के हथियारों को रोकने के लिए बनाए गए हैं.
खलीजी देशों और दुनिया पर इसका क्या असर होगा?
यह प्रतिबंध ऐसे समय में आए हैं जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा करने वाले हैं. इसी बीच खलीजी क्षेत्र में तनाव भी बढ़ा हुआ है. 8 मई 2026 को ईरान ने Strait of Hormuz में अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, जिसका जवाब अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला करके दिया. UAE ने भी उसी दिन ईरान की तरफ से आई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोका. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अभी भी लागू है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने चीन की कंपनियों पर प्रतिबंध क्यों लगाया?
चीन की कंपनियों ने ईरान के Shahed ड्रोन बनाने के लिए इंजन और एंटीना जैसे जरूरी पुर्ज़े सप्लाई किए थे, जिसे रोकने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया है.
क्या इस कार्रवाई से UAE या अन्य खाड़ी देशों पर असर पड़ेगा?
खाड़ी देशों में तनाव बढ़ा है क्योंकि ईरान ने हाल ही में हमले किए हैं. UAE ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा और ज्यादा संवेदनशील हो गई है.