अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अपना बड़ा अभियान ‘Economic Fury’ शुरू कर दिया है। इसके तहत अमेरिका के खजाना विभाग (Treasury Department) ने ईरान से जुड़े कई एक्सचेंज फर्मों और तेल ले जाने वाले जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान की आर्थिक गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है।

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किन कंपनियों और लोगों पर गिरी गाज?

अमेरिका के OFAC ने ईरान के Amin Exchange और उससे जुड़ी कई कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस फर्म पर आरोप है कि इसने प्रतिबंधित ईरानी बैंकों के लिए करोड़ों डॉलर के लेन-देन किए। इस नेटवर्क में UAE, तुर्की, हांगकांग और चीन की कई फर्जी कंपनियाँ भी शामिल थीं जो मनी लॉन्ड्रिंग का काम कर रही थीं।

  • यूसुफ इब्राहिमी और महमूद: अमीन एक्सचेंज चलाने वाले भाई, जिनके पास तुर्की, ईरान और डोमिनिकन नागरिकता है।
  • समद नेमाती: अमीन एक्सचेंज के CEO और पूर्व IRGC अधिकारी।
  • अली हज़राती चखेरलो: तुर्की में रहने वाले ईरानी नागरिक।

कितने जहाजों को रोका गया और क्या है असर?

ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल्स के कारोबार को चोट पहुँचाने के लिए 19 जहाजों को ब्लॉक किया गया है। ये जहाज विदेशी ग्राहकों तक माल पहुँचाने का काम करते थे। इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान की तेल से होने वाली अरबों डॉलर की कमाई रुक गई है।

जहाज का नाम झंडा (Flag)
GREAT SAIL Barbados
Ocean Wave Palau
Swift Falcon Panama
TEJAS Panama
FEADSHIP Vanuatu
MIGHTY NAVIGATOR LPG Carrier
LUNA LUSTER Tanker

अमेरिकी खजाना विभाग का क्या कहना है?

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ईरान का शैडो बैंकिंग सिस्टम आतंकियों को पैसा पहुँचाने का जरिया बनता है। उन्होंने बताया कि ‘Economic Fury’ अभियान के जरिए अमेरिका अब ईरान के इस गुप्त बैंकिंग सिस्टम और जहाजों के बेड़े को खत्म करेगा। इस कार्रवाई में अब तक करीब 500 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज की जा चुकी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

‘Economic Fury’ अभियान क्या है?

यह अमेरिकी सरकार का एक अभियान है जिसका मकसद ईरान की आर्थिक कमर तोड़ना और उसके शैडो बैंकिंग सिस्टम को खत्म करना है ताकि आतंकवाद की फंडिंग रुक सके।

UAE का इस मामले में क्या संबंध है?

अमेरिका ने पाया कि UAE में कुछ ऐसी फर्जी कंपनियाँ काम कर रही थीं, जो ईरान के लिए पैसा इधर-उधर करने और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रही थीं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.