अमेरिका ने ईरान पर एक गंभीर आरोप लगाया है। अमेरिकी खजाना मंत्री Scott Bessent ने कहा कि ईरान इराक के संसाधनों को लूट रहा है ताकि आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाया जा सके। इसी मामले में अमेरिका ने कुछ बड़े अधिकारियों और संगठनों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं ताकि तेल की चोरी रोकी जा सके।
इराक के तेल अधिकारी पर क्यों लगे प्रतिबंध?
अमेरिकी खजाना विभाग की OFAC शाखा ने इराक के तेल मंत्रालय के वितरण विभाग के डिप्टी अली معارج البهادली (Ali Maarij Al-Bahadli) पर प्रतिबंध लगाए हैं। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और इराक के तेल को ईरान और वहां के गुटों के लिए बेचने में मदद की। अमेरिका ने साफ किया कि वह तेल की ऐसी लूट को बर्दाश्त नहीं करेगा जिससे उसके या उसके साथियों के खिलाफ हमलों को बढ़ावा मिले।
कैसे हो रही थी तेल की चोरी और तस्करी?
जांच में सामने आया कि यह पूरा काम एक बड़े तस्करी नेटवर्क के जरिए हो रहा था। इसे سالم أحمد سعيد (Salem Ahmed Saeed) नाम का शख्स चला रहा था, जिस पर पहले भी प्रतिबंध लग चुके हैं। इस नेटवर्क में ईरान के तेल को इराकी तेल के साथ मिलाया जाता था और फिर जाली कागजात बनाकर उसे इराकी तेल बताकर बाहर भेजा जाता था। इससे ईरान को अपना तेल दुनिया भर में बेचने में आसानी हो रही थी।
किन संगठनों और नेताओं पर गिरी गाज?
अमेरिका ने सिर्फ अधिकारियों ही नहीं, बल्कि ईरान के करीब रहने वाले दो बड़े गुटों ‘कतेब सयद अल-शुहदा’ (Kata’ib Sayyid al-Shuhada) और ‘असाएब अहल अल-हक’ (Asa’ib Ahl al-Haq) के तीन बड़े नेताओं पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी खजाना विभाग ने कहा कि वह उन सभी नेटवर्क और लोगों का पीछा करना जारी रखेगा जो ईरान को तेल निर्यात करने और पैसा जुटाने में मदद करते हैं। इसका मकसद इलाके में स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को बचाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिकी खजाना मंत्री ने ईरान पर क्या आरोप लगाया है?
Scott Bessent ने कहा कि ईरान इराक के संसाधनों को लूट रहा है और वहां के तेल का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए कर रहा है।
OFAC ने किन लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं?
OFAC ने इराक के तेल अधिकारी अली معارج البهادली, तस्कर سالم अहमद सईद और ईरान समर्थित दो मिलिशिया गुटों के तीन बड़े नेताओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।