अमेरिका ने ईरान के ड्रोन और मिसाइल प्रोग्राम को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। US Treasury Department ने 10 लोगों और कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने ईरान को हथियार और कच्चा माल जुटाने में मदद की। इस कार्रवाई का असर दुबई, चीन और बेलारूस जैसी जगहों पर मौजूद कंपनियों पर पड़ेगा।

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किन कंपनियों और लोगों पर लगे हैं प्रतिबंध?

अमेरिका के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने चीन, हांगकांग, दुबई और बेलारूस की कंपनियों को अपनी लिस्ट में डाला है। इन कंपनियों ने ईरान के Shahed-series ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए सामान जुटाने में मदद की थी। मुख्य रूप से इन पर कार्रवाई हुई है:

  • Yushita Shanghai International Trade Co Ltd: चीन की इस कंपनी ने हथियार जुटाने में मदद की।
  • Elite Energy FZCO: दुबई की इस कंपनी ने हांगकांग की एक कंपनी को लाखों डॉलर भेजे।
  • HK Hesin Industry Co Ltd और Armory Alliance LLC: ये हांगकांग और बेलारूस की कंपनियां सामान पहुँचाने का जरिया बनी थीं।
  • Mustad Limited: हांगकांग की इस कंपनी ने ईरान की IRGC के लिए हथियार जुटाने में मदद की।
  • Pishgam Electronic Safeh Co: ईरान की यह कंपनी ड्रोन के लिए मोटर खरीद रही थी।

अमेरिका की चेतावनी और आगे की योजना क्या है?

US Treasury Secretary Scott Bessent ने साफ किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका उन सभी विदेशी लोगों और कंपनियों को निशाना बनाएगा जो ईरान की सेना को हथियार दे रहे हैं। अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के सैन्य औद्योगिक आधार को खत्म करने के लिए आर्थिक कार्रवाई करेगा। अमेरिका उन एयरलाइंस और वित्तीय संस्थानों पर भी सेकेंडरी प्रतिबंध लगा सकता है जो ईरान के अवैध व्यापार में मदद करते हैं, खासकर चीन की “teapot” ऑयल रिफाइनरियों से जुड़े संस्थान।

UAE की स्थिति और सुरक्षा पर असर

यह प्रतिबंध ऐसे समय में आए हैं जब ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। 8 मई 2026 को UAE ने अपनी एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से ईरान द्वारा दागी गई 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 3 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। इस हमले के मलबे से तीन लोग घायल हुए। UAE सरकार के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल और ईरान के युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 551 बैलिस्टिक मिसाइल और 29 क्रूज मिसाइलों को रोका जा चुका है। जानकारों का कहना है कि अमेरिका इन प्रतिबंधों के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा करना चाहता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने इन कंपनियों पर प्रतिबंध क्यों लगाए?

इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने ईरान के Shahed-series ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के लिए हथियार और जरूरी कच्चा माल जुटाने में मदद की थी।

UAE में हाल ही में क्या हमला हुआ था?

8 मई 2026 को ईरान ने 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 3 ड्रोन दागे थे, जिन्हें UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया था।