अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। US Treasury ने 10 व्यक्तियों और कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इन लोगों पर आरोप है कि वे ईरान की सेना को हथियार और जरूरी सामान जुटाने में मदद कर रहे थे। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दुनिया की नजरें अमेरिका और चीन के बीच होने वाली मुलाकातों पर टिकी हैं।

किन लोगों और कंपनियों पर गिरी गाज?

US Treasury ने साफ किया है कि ये प्रतिबंध उन 10 लोगों और कंपनियों पर लगाए गए हैं जो ईरान के Shahed ड्रोन बनाने के लिए कच्चा माल और हथियार मुहैया करा रहे थे। इनमें से कई कंपनियां चीन और हांगकांग में स्थित हैं। अमेरिका का कहना है कि वह किसी भी विदेशी कंपनी को बख्शेगा नहीं जो ईरान के गैरकानूनी व्यापार में साथ देगी।

इस कार्रवाई के पीछे क्या है बड़ा कारण?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी सैन्य क्षमता को फिर से न बढ़ा पाए और अपनी सीमाओं के बाहर ताकत का प्रदर्शन न करे। US Treasury ने चेतावनी दी है कि वे ईरान के मिलिट्री इंडस्ट्रियल बेस के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई जारी रखेंगे।

यह पूरा मामला तब सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump चीन दौरे पर जाने वाले हैं और वहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Xi Jinping से होनी है। इसी बीच ईरान के साथ चल रहे तनाव को खत्म करने की कोशिशें भी रुकी हुई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने प्रतिबंध क्यों लगाए?

अमेरिका ने ईरान की सेना को ‘Shahed’ ड्रोन के लिए हथियार और कच्चा माल दिलाने में मदद करने के कारण 10 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं।

इस कार्रवाई में कौन से देश शामिल हैं?

इन प्रतिबंधों का असर चीन और हांगकांग की कुछ कंपनियों पर भी पड़ा है, क्योंकि उन्होंने ईरान की सैन्य मदद की थी।