अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर बड़ी चोट की है। US सरकार ने सोमवार, 11 मई 2026 को नए प्रतिबंधों का ऐलान किया ताकि ईरान के हथियारों और परमाणु प्रोग्राम के लिए आने वाले फंड को रोका जा सके। US ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने इस कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ कैंपेन का हिस्सा बताया है जिससे ईरान के वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह काटने की तैयारी है।

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अमेरिका ने किन लोगों और कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध?

इस कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को मुख्य निशाना बनाया है। इसके साथ ही तीन ईरानी नागरिकों, जिनमें अहमद मोहम्मदी जादेह, समद फथी सलामी और मोहम्मदरेज़ा अशरफी गेही शामिल हैं, पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिका ने कुल 9 कंपनियों को टारगेट किया है जो ईरान के तेल को चीन तक पहुँचाने में मदद कर रही थीं।

क्षेत्र कंपनियों की संख्या प्रमुख कंपनियों के नाम
Hong Kong 4 Hong Kong Blue Ocean Limited, Hong Kong Sanmu Limited
UAE 4 Ocean Allianz Shipping LLC, Universal Fortune Trading LLC
Oman 1 एक कंपनी

ईरान तेल बेचने के लिए कौन सा तरीका अपना रहा था?

US ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने बताया कि ईरान अपने तेल की असली पहचान छिपाने के लिए कई चालाकियों का इस्तेमाल कर रहा था। बैंक और वित्तीय संस्थानों को चेतावनी दी गई है कि वे ऐसे तेल पर नज़र रखें जिसे ‘मलेशियाई ब्लेंड’ (Malaysian blend) बताकर बेचा जा रहा है। ईरान के नेटवर्क द्वारा शिप-टू-शिप तेल ट्रांसफर और फर्जी शिपिंग दस्तावेजों का उपयोग किया जा रहा था ताकि तेल की असल जगह का पता न चल सके। इसके लिए शेल कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी का भी इस्तेमाल हो रहा था।

इन प्रतिबंधों का मुख्य मकसद और समय क्या है?

ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि अमेरिका ईरान को उन वित्तीय नेटवर्क से अलग कर देगा जिनका उपयोग आतंकी गतिविधियों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए किया जाता है। यह बड़ा फैसला राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन द्वारा लिया गया है। खास बात यह है कि यह प्रतिबंध चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ट्रंप की बीजिंग बैठक से कुछ दिन पहले लगाए गए हैं, जहाँ ईरान के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कौन सा कैंपेन चलाया है?

अमेरिका ने ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ कैंपेन चलाया है जो ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के साथ जुड़ा है, जिसका मकसद ईरान के हथियार और परमाणु कार्यक्रमों की फंडिंग रोकना है।

ईरान अपना तेल छिपाने के लिए क्या तरीका अपना रहा था?

ईरान अपने तेल को ‘मलेशियाई ब्लेंड’ के रूप में लेबल कर रहा था और शेल कंपनियों व फर्जी शिपिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल कर तेल को चीन पहुँचा रहा था।