अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने बुधवार, 27 मई 2026 को ईरान की पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह वही सरकारी संस्था है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी करती है और उनसे भारी-भरकम टैक्स वसूल रही थी। अमेरिका के इस फैसले के बाद अब ईरान के इस रास्ते से व्यापार करने वाले देशों और जहाजों के लिए मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।

📰: Dubai: स्कूल फीस को लेकर नया नियम लागू, अगले साल नहीं बढ़ेगा एक भी रुपया, प्रवासियों को मिली बड़ी राहत.

ईरान की इस एजेंसी पर प्रतिबंध क्यों लगा और क्या है पूरा मामला?

इस नई एजेंसी का गठन हाल ही में 5 मई 2026 को होर्मुज संकट के दौरान किया गया था। ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से करीब 20 लाख डॉलर यानी करीब 16 करोड़ रुपये तक का टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया था। यह टैक्स बिटकॉइन या चीनी युआन में मांगा जा रहा था, जिसे अमेरिका ने अवैध माना है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान का यह कदम वैश्विक समुद्री व्यापार से जबरन वसूली की कोशिश है। अमेरिकी सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या कंपनी इस ईरानी एजेंसी का साथ देगी या उसे टोल टैक्स देगी, उस पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

अमेरिकी प्रतिबंध से वैश्विक समुद्री व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापार मार्ग माना जाता है। अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने साफ कर दिया है कि ईरान की इस एजेंसी को टोल टैक्स देना पूरी तरह से गैरकानूनी और प्रतिबंध के दायरे में माना जाएगा।

जिस दिन यह प्रतिबंध लगाए गए, उसी दिन अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल लॉन्च केंद्रों, सैन्य नावों और सैन्य ठिकानों पर हमले भी किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।

कौन सी कंपनियां आ सकती हैं इस प्रतिबंध के दायरे में?

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि कोई भी जहाज या शिपिंग कंपनी जो ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़ी इस एजेंसी के साथ तालमेल बिठाएगी, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी एक्शन के कारण अब वैश्विक जहाजरानी कंपनियों को इस समुद्री रास्ते का उपयोग करने के लिए नए नियमों का पालन करना होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान की पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी क्या है?

यह ईरान की एक नई नियामक संस्था है जिसकी स्थापना 5 मई 2026 को हुई थी। यह एजेंसी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले विदेशी जहाजों को नियंत्रित करती है और उनसे टोल वसूलती है।

अमेरिका ने इस एजेंसी पर प्रतिबंध क्यों लगाया है?

अमेरिकी सरकार के अनुसार, ईरान वैश्विक समुद्री व्यापार वाले जहाजों से जबरन वसूली कर रहा था और टोल टैक्स के रूप में बिटकॉइन या चीनी युआन मांग रहा था, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

क्या इस ईरानी एजेंसी को टोल टैक्स देने वाली कंपनियों पर भी कार्रवाई होगी?

हां, अमेरिकी वित्त विभाग ने साफ किया है कि इस एजेंसी को टोल टैक्स देना पूरी तरह से प्रतिबंधित है और ऐसा करने वाली किसी भी कंपनी पर कड़े अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाएंगे।