अमेरिका ने ईरान के गुप्त बैंकिंग नेटवर्क पर एक बहुत बड़ा हमला बोला है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 35 ऐसी संस्थाओं और लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरान के लिए चोरी-छिपे पैसे इधर-उधर करने का काम कर रहे थे। इस कदम से ईरान के तेल की बिक्री और सेना के लिए हथियारों की खरीद-फरोख्त पर भारी असर पड़ेगा।
ईरान का ‘शेडो बैंकिंग’ सिस्टम और रहबर्स क्या हैं?
ईरान के बैंक अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम से लगभग कटे हुए हैं, इसलिए वे अपना काम चलाने के लिए ‘रहबर्स’ (rahbars) नाम की प्राइवेट फर्मों का सहारा लेते हैं। ये फर्में विदेशों में हजारों फर्जी कंपनियां (shell companies) चलाती हैं। इन कंपनियों का इस्तेमाल प्रतिबंधों को चकमा देने और गुप्त तरीके से भुगतान करने के लिए किया जाता था। अमेरिका ने अब इसी नेटवर्क को खत्म करने के लिए ‘Economic Fury’ अभियान के तहत कार्रवाई की है।
किन बैंकों और कंपनियों पर लगा प्रतिबंध?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC ने कई बड़े बैंकों और उनसे जुड़ी कंपनियों की सूची जारी की है। नीचे दी गई टेबल में उन मुख्य बैंकों और उनके नेटवर्क की जानकारी है जिन पर गाज गिरी है:
| बैंक का नाम | जुड़ी कंपनी (Rahbar) | मुख्य व्यक्ति/विवरण |
|---|---|---|
| Shahr Bank | Farab Soroush Afagh Qeshm (FSAQ) | Hossein Yaghoobi |
| Eghtesad Novin Bank | Khavar Tejarat Arka Kish | Ehsan Moslehi और Ehsan Saidi Nasab |
| Bank Sepah | Rahbar Tejari Setareh Taban Kish | बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम का फाइनेंस |
| Bank Sina | Aku Tejarat Ravizh Kish | सुप्रीम लीडर के ऑफिस द्वारा नियंत्रित |
| Parsian Bank | Naghsh Simorgh Sahand LLC | Mahmud Tadayyon और Abdolazim Ghanbarian |
| Bank Mellat | Tejarat Sarir Afrooz Kish | Fahim Maleki और Maryam Anbardaran |
अमेरिका की चेतावनी और इसका असर क्या होगा?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ कहा कि यह बैंकिंग सिस्टम ईरान की सेना और IRGC के लिए पैसे का मुख्य जरिया है, जिससे मिडिल ईस्ट में हिंसा बढ़ती है। अमेरिका ने दुनिया भर के बैंकों को चेतावनी दी है कि अगर कोई भी संस्था इन प्रतिबंधित नेटवर्क के साथ लेनदेन करेगी, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, Hormuz जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने के लिए ईरान सरकार या IRGC को ‘टोल’ देने वाली कंपनियों को भी प्रतिबंधों का खतरा बताया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के 35 संस्थाओं पर प्रतिबंध क्यों लगाए?
ये संस्थाएं ‘रहबर्स’ के जरिए फर्जी कंपनियों का नेटवर्क चला रही थीं, जिससे ईरान प्रतिबंधों को चकमा देकर तेल बेच रहा था और अपनी सेना के लिए हथियार खरीद रहा था।
इस कार्रवाई से किन संगठनों को नुकसान होगा?
इससे मुख्य रूप से ईरान की सेना, रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी (NIOC) और उनके क्षेत्रीय प्रॉक्सी संगठनों की फंडिंग रुक जाएगी।