अमेरिका ने दुबई में रहने वाले ईरानी फाइनेंसर अली अंसारी पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अंसारी पर ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके करीबियों के लिए पैसों का जाल बिछाने और सरकारी फंड की चोरी का आरोप है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और तनाव काफी बढ़ गया है।
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अली अंसारी पर लगे गंभीर आरोप
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC ने बताया कि अली अंसारी दुबई में रहकर ईरान के नेता Mojtaba Khamenei और IRGC जैसे संगठनों के लिए संपत्ति का प्रबंधन कर रहे थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने ईरानी शासन के भीतर बड़े पैमाने पर पैसों की हेराफेरी की और जनता के फंड को विदेशों में रियल एस्टेट और बिजनेस में लगाया। अंसारी के पास ईरान के साथ-साथ साइप्रस और सेंट किट्स एंड नेविस की नागरिकता भी है।
फाइनेंशियल एक्शन और प्रतिबंधों की लिस्ट
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य टारगेट | अली अंसारी (दुबई आधारित फाइनेंसर) |
| संबंधित आदेश | Executive Orders 13902, 13876, 13224 |
| पिछला प्रतिबंध | UK ने अक्टूबर 2025 में प्रतिबंध लगाए थे |
| प्रभावित कंपनी | Smart Global Limited (सेंट किट्स एंड नेविस) |
| बैंक ट्रांजैक्शन | ईरानी एक्सचेंज हाउस के जरिए अरबों डॉलर का लेन-देन |
| तेल बिक्री नियम | कच्चे तेल की बिक्री की छूट खत्म, 17 जुलाई तक का समय |
| लक्ष्य | ईरानी शासन के अभिजात वर्ग को वित्तीय सिस्टम से अलग करना |
अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, लेकिन उन्होंने ईरान की मांग पर बातचीत जारी रखने की बात कही है। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ किया कि अमेरिका उन सभी टूल्स का इस्तेमाल करेगा जिससे शासन के भ्रष्ट नेताओं को ग्लोबल सिस्टम से बाहर किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब्त की गई संपत्तियों को ईरानी जनता के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
क्षेत्रीय तनाव और UAE को धमकी
इस घटना के बाद तनाव और बढ़ गया है। कतरी मध्यस्थ स्थिति को शांत करने के लिए ईरान के मशाद शहर में पहुंचे हैं। वहीं, ईरानी सांसद Esmail Kousari ने UAE को चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ सहयोग करने की उसे भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान की सैन्य कमान Khatam al-Anbiya ने भी अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है और हॉर्मुज़ स्ट्रेट में दखल न देने की बात कही है।
