अमेरिका ने इराक के डिप्टी ऑयल मिनिस्टर Ali Maarij Al-Bahadly और ईरान समर्थित मिलिशिया नेताओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने अमेरिकी नियमों को तोड़कर ईरान को तेल बेचने में मदद की और इराक के तेल क्षेत्र का गलत इस्तेमाल किया। इस बड़े एक्शन से इराक की राजनीति और तेल कारोबार में हड़कंप मच गया है।

क्यों लगाए गए ये प्रतिबंध और क्या होगा असर

US Treasury Department के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने यह फैसला 7 मई 2026 को लिया। अमेरिका का कहना है कि इन लोगों ने ईरान को तेल बेचने में मदद की ताकि आतंकवाद के लिए पैसा जुटाया जा सके। इस कार्रवाई के बाद अब इन व्यक्तियों और उनसे जुड़ी कंपनियों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। साथ ही, अब कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उनके साथ कोई लेन-देन नहीं कर पाएगी। US Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि ईरानी शासन इराक के संसाधनों को लूट रहा है और अमेरिका इसे चुपचाप नहीं देखेगा।

किन लोगों और कंपनियों को किया गया ब्लैकलिस्ट

इस लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं जिन्होंने कथित तौर पर तेल तस्करी में भूमिका निभाई। मुख्य रूप से इन लोगों पर कार्रवाई हुई है:

  • Ali Maarij Al-Bahadly: इराक के डिप्टी ऑयल मिनिस्टर, जिन पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करने और तस्कर Salim Ahmed Said की मदद करने का आरोप है।
  • Mustafa Hashim Lazim Al-Behadili: Asa’ib Ahl al-Haq (AAH) समूह के वित्तीय अधिकारी, जिन्होंने तेल तस्करी का काम संभाला।
  • Kata’ib Sayyid al-Shuhada (KSS): इस समूह के तीन बड़े नेताओं पर भी प्रतिबंध लगा है, जिनमें से एक ने लेबनान के Hezbollah को करोड़ों डॉलर भेजे।
  • कंपनियां: Al-Behadili से जुड़ी 4 इराकी कंपनियों को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

इराक की नई सरकार और राजनीति पर प्रभाव

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इराक के प्रधानमंत्री-डिजाइनिट Ali al-Zaidi नई सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक, Ali Maarij Al-Bahadly को तेल मंत्रालय का मंत्री बनाया जा सकता था। पूर्व अमेरिकी अधिकारी Victoria Taylor ने बताया कि यह ट्रंप प्रशासन का एक सख्त संदेश है ताकि मिलिशिया से जुड़े लोगों को महत्वपूर्ण सरकारी पदों से दूर रखा जा सके। इससे पहले मार्च में इराक के तेल मंत्री Hayan Abdel-Ghani ने भी बताया था कि ईरान के तेल टैंकर फर्जी इराकी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी प्रतिबंधों का इन अधिकारियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा

इन अधिकारियों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं और अब कोई भी अमेरिकी व्यक्ति या कंपनी उनके साथ व्यापार या लेन-देन नहीं कर सकेगी।

इन पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए गए हैं

इन पर आरोप है कि इन्होंने इराक के तेल क्षेत्र का इस्तेमाल कर ईरान को अवैध रूप से तेल बेचने में मदद की, जिससे आतंकवाद के लिए फंडिंग जुटाई गई।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.