अमेरिका ने इराक के उप तेल मंत्री Ali Marij Al-Bahadli पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर इराकी तेल को ईरान और उसके समर्थित समूहों की मदद के लिए मोड़ा। वहीं इराक के तेल मंत्रालय ने इन सभी दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए खारिज कर दिया है।

अमेरिका ने उप तेल मंत्री पर क्या आरोप लगाए हैं?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 7 मई 2026 को ये प्रतिबंध लगाए। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott के मुताबिक, अल-बहादली ने सरकारी पद का दुरुपयोग किया ताकि ईरानी शासन और उसके प्रॉक्सी समूहों को तेल मिल सके। आरोपों में यह भी कहा गया है कि प्रतिबंधों से बचने के लिए इराकी और ईरानी तेल को धोखाधड़ी से मिलाया गया।

ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ईरानी शासन इराकी लोगों के संसाधनों को लूट रहा है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका चुप नहीं बैठेगा क्योंकि ईरान इस तेल का इस्तेमाल आतंकवाद को पैसा देने के लिए कर रहा है।

इराक के तेल मंत्रालय ने क्या सफाई दी है?

इराक के तेल मंत्रालय ने 8 मई 2026 को इन आरोपों का खंडन किया। मंत्रालय ने कहा कि वह मामले की जांच के लिए तैयार है लेकिन अल-बहादली के काम में कच्चे तेल का निर्यात, मार्केटिंग या टैंकरों पर लदान जैसी प्रक्रियाएं शामिल नहीं थीं।

  • इराक की राज्य तेल विपणन कंपनी (SOMO) ने भी तेल मिश्रण के आरोपों को नकारा है।
  • मंत्रालय ने सबूतों और तथ्यों के आधार पर पारदर्शिता की बात कही है।
  • अमेरिका ने इसके साथ ही ईरान समर्थित समूहों AAH और KSS के तीन नेताओं पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।

इस पूरे मामले को वॉशिंगटन द्वारा बगदाद पर ईरान से दूरी बनाने के दबाव के रूप में देखा जा रहा है। अल-बहादली पहले इराकी संसद की तेल और गैस समिति के प्रमुख और 2024 में अंतरिम तेल मंत्री भी रह चुके हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने अली मारिज अल-बहादली पर प्रतिबंध क्यों लगाए?

उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग कर इराकी तेल को ईरान और उसके आतंकवादी प्रॉक्सी समूहों के समर्थन में मोड़ा और प्रतिबंधों से बचने के लिए तेल की धोखाधड़ी की।

इराक के तेल मंत्रालय का इस पर क्या कहना है?

मंत्रालय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि तेल निर्यात और मार्केटिंग का काम अल-बहादली के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और वे पारदर्शिता के साथ जांच के लिए तैयार हैं।