अमेरिका के खजाने विभाग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए इराकी मिलिशिया के 7 बड़े कमांडरों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये सभी नेता ईरान के समर्थन से काम कर रहे थे और अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचा रहे थे। सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद और हिंसा को बढ़ावा देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

इन नेताओं पर प्रतिबंध क्यों लगाए गए और क्या है वजह?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC ने यह कार्रवाई की है। इन नेताओं पर अमेरिका के सैनिकों, ठिकानों और अन्य हितों पर हमले करने की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने का आरोप है। ये मिलिशिया संगठन बिना किसी डर के आम नागरिकों और अमेरिकी कर्मियों पर हमले कर रहे थे। साथ ही, ये लोग इराकी दौलत का गलत इस्तेमाल कर आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटा रहे थे जिससे वहां की संप्रभुता को खतरा था।

कौन से संगठन शामिल हैं और अमेरिका ने क्या चेतावनी दी?

इस कार्रवाई में Kata’ib Hizballah, Kata’ib Sayyid Al-Shuhada, Harakat Al-Nujaba और Asa’ib Ahl Al-Haqq जैसे संगठनों के नेता शामिल हैं। इन समूहों को पहले ही वैश्विक आतंकवादियों की सूची में डाला जा चुका है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान समर्थित मिलिशिया को अमेरिकी जीवन के लिए खतरा बनने नहीं दिया जाएगा और हिंसा में मदद करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

इस कार्रवाई की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
घोषणा की तारीख 17 अप्रैल 2026
कार्रवाई करने वाली संस्था US Department of the Treasury (OFAC)
प्रतिबंधित व्यक्तियों की संख्या 7 इराकी मिलिशिया कमांडर
कानूनी आधार Executive Order (E.O.) 13224
समर्थन देने वाला देश ईरान
शामिल मुख्य संगठन Kata’ib Hizballah, Harakat Al-Nujaba, Asa’ib Ahl Al-Haqq
मुख्य कारण अमेरिकी कर्मियों और सुविधाओं पर हमले
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.