अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ा दी है। अब जो भी संस्था या कंपनी ईरानी एयरलाइंस के साथ कारोबार करेगी, उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। यह कदम ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि वह हथियारों की सप्लाई न कर सके।
अमेरिका ने किन कंपनियों और देशों पर निशाना साधा है?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC ने 27 अप्रैल 2026 को ईरान, Türkiye और UAE के 14 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए। इन पर आरोप है कि इन्होंने ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम के लिए हथियार और पुर्जे जुटाने में मदद की। इसमें Mahan Air जैसी एयरलाइन और दुबई की Chabok FZCO कंपनी शामिल है। दुबई की इस कंपनी पर Mahan Air के लिए विमान के पुर्जे और सेंसर दिलाने का आरोप है। इसके अलावा तुर्की की Emti Fiber Textile Import Export Trade Limited Company पर भी प्रतिबंध लगे हैं क्योंकि उसने ईरान के रक्षा उद्योग को कॉटन लिनटर्स दिए थे।
इन प्रतिबंधों का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि यह कार्रवाई ‘Economic Fury’ अभियान का हिस्सा है। अमेरिका का कहना है कि ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को फिर से बढ़ा रहा है और Shahed सीरीज के ड्रोन की सप्लाई कर रहा है। इन गतिविधियों को रोकने और ईरान की सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है। साथ ही, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के लिए भेजे जाने वाले दूतों की यात्रा भी रद्द कर दी है और कहा है कि ईरान फोन पर बात कर सकता है।
ईरान पर लगे अन्य बड़े प्रतिबंध और अपडेट्स
- तेल व्यापार: 24 अप्रैल 2026 को OFAC ने कई शिपिंग कंपनियों और जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया। इसमें चीन की Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery Co., Ltd. शामिल है, जिसने ईरान के अवैध तेल व्यापार में मदद की।
- क्रिप्टोकरेंसी एक्शन: ईरान के सेंट्रल बैंक (CBI) के नए क्रिप्टो एड्रेस पकड़े गए, जिसके बाद करीब 344 मिलियन डॉलर का Tether जब्त किया गया।
- यूरोपीय संघ का रुख: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने साफ कहा कि ईरान द्वारा अपनी ही जनता का दमन करने के कारण अभी प्रतिबंध हटाना बहुत जल्दबाजी होगी।