US का ईरान पर बड़ा एक्शन, 14 लोगों और कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध, UAE और तुर्की के नेटवर्क भी निशाने पर

अमेरिका ने ईरान की कमर तोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने 14 लोगों, कंपनियों और हवाई जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये लोग और कंपनियां ईरान को हथियार और ड्रोन पहुँचाने का काम कर रहे थे। US Treasury विभाग की इस कार्रवाई से ईरान के हथियार बनाने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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अमेरिका ने किन लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं?

इस लिस्ट में ईरान के अलावा Türkiye और UAE में चल रहे नेटवर्क को भी शामिल किया गया है। Pishgam Electronic Safeh कंपनी और उसके मालिक हामिद रजा जंगोरबानी पर Shahed-136 ड्रोन के पुर्जे जुटाने का आरोप है। Mahan Air एयरलाइन और उसके दो जहाजों पर भी पाबंदी लगाई गई है क्योंकि वे IRGC Quds Force को हथियार और पैसा पहुँचा रहे थे। इसके अलावा Türkiye की एक कंपनी पर भी एक्शन लिया गया है जो मिसाइल के लिए जरूरी कच्चा माल ईरान भेज रही थी।

इन प्रतिबंधों का मुख्य कारण क्या है और इसका असर क्या होगा?

US Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि ईरान को ग्लोबल एनर्जी मार्केट में गड़बड़ी करने और आम लोगों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों के लिए जवाबदेह ठहराना जरूरी है। यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के Economic Fury अभियान का हिस्सा है। अमेरिका का मकसद ईरान की मिसाइल और ड्रोन सप्लाई चेन को पूरी तरह रोकना है। इससे ईरान के लिए नए हथियार बनाना और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

यह प्रतिबंध कब और किन नियमों के तहत लगाए गए?

ये प्रतिबंध मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को लागू किए गए। यह कार्रवाई US Treasury के OFAC ऑफिस ने Executive Orders 13382 और 13224 के तहत की है। सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध वापस लागू होने के बाद यह पांचवीं बार है जब अमेरिका ने ऐसे कदम उठाए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम पर लगाम लगाना और IRGC की संसाधनों तक पहुँच को रोकना है।