लेबनान में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए अमेरिका और सऊदी अरब के बीच लगातार बातचीत चल रही है। 26 जुलाई 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के सीनियर एडवाइजर ने पुष्टि की कि इस मामले में दोनों देशों के बीच समन्वय बना हुआ है। यह पहल पिछले महीने हुए त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी और हिजबुल्लाह का निरस्त्रीकरण करना है।

शांति बहाली के लिए पायलट जोन और चुनौतियां

20 जुलाई 2026 से लेबनान के दक्षिणी हिस्सों जैसे Froun और Srifa में पायलट जोन बनाने का काम शुरू हुआ है, जहां लेबनानी सेना की तैनाती की जा रही है। हालांकि, लेबनानी सेना ने 26 जुलाई 2026 को दक्षिणी लेबनान में जारी इजरायली सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताई और कहा कि इससे उनके काम में बाधा आ रही है। व्हाइट हाउस के सीनियर एडवाइजर Massad Boulos पहले ही इस समझौते के तहत हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण की बात स्पष्ट कर चुके हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर अमेरिका का कड़ा रुख

इस पूरे मामले में सऊदी अरब के साथ ही फ्रांस, कतर और मिस्र भी लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष को रोकने के लिए राजनयिक कोशिशें कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका लेबनानी सेना को वित्तीय सहायता देने और वहां की स्थिति पर नजर रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। एक सेवानिवृत्त अमेरिकी जनरल ने हाल ही में सुझाव दिया कि हिजबुल्लाह का मुकाबला करने के लिए लेबनान को अमेरिकी सैनिकों की मदद और आर्थिक सहयोग की जरूरत पड़ सकती है। इस बीच, अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाया गया नौसैनिक प्रतिबंध भी अभी जारी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.