28 जुलाई 2026 को इराक में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन हुआ। U.S. Central Command (CENTCOM) और Saudi Arabian Armed Forces ने मिलकर पूर्वी इराक में ईरान समर्थित गुटों के खिलाफ सटीक हमले किए। इन ऑपरेशंस में उन ग्रुप्स के हथियारों के गोदाम और साजो-सामान वाली जगहों को निशाना बनाया गया, जिन्हें IRGC यानी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का समर्थन हासिल था।

हमले का कारण और ताजा स्थिति

यह संयुक्त सैन्य कार्रवाई पिछले 72 घंटों में हुए 30 से ज्यादा ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। ये हमले अमेरिका के सैन्य ठिकानों और सऊदी अरब के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने के लिए किए गए थे। CENTCOM ने जानकारी दी है कि हालांकि इन ग्रुप्स का संबंध इराक के Popular Mobilization Front (PMF) से जोड़ा जा रहा है, लेकिन अमेरिका के खिलाफ किए गए ये सभी हमले नाकाम रहे।

तनाव का माहौल और चेतावनी

क्षेत्र में तनाव का स्तर काफी बढ़ा हुआ है। इसी दिन 28 जुलाई 2026 को जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर ईरान की तरफ से 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं, जिन्हें सुरक्षा बलों ने हवा में ही रोक दिया। CENTCOM ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर IRGC और उनके प्रॉक्सी ग्रुप्स ने ये हमले नहीं रोके, तो अमेरिका की तरफ से और भी सख्त जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 8 जुलाई से 24 जुलाई तक अमेरिका ने अपनी तरफ से कोई हमला नहीं किया था ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए बातचीत का रास्ता साफ हो सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.