अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर 29 जुलाई 2026 को इराक में संयुक्त हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है, जिसके पीछे ईरान से जुड़े समूहों का हाथ होने की बात सामने आई थी। US Central Command (CENTCOM) ने इन ऑपरेशनों की पुष्टि की है।
इराक में हमलों का असर और प्रतिक्रिया
इस हमले का सबसे बड़ा असर Popular Mobilization Forces (PMF) पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 20 लड़ाके मारे गए हैं और 32 लोग घायल हुए हैं। हमले का दायरा काफी बड़ा था, जिसमें बगदाद, वसित, निनवे, बसरा, किरकुक, करबला और दियाला जैसे प्रांत शामिल रहे। इराक सरकार ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना को खतरनाक बताया है।
हूती नेता की मौत की खबर में सच्चाई नहीं
सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि हूती नेता मोहम्मद अल-अयशी इराक में इन हमलों के दौरान मारा गया है। हालांकि, किसी भी आधिकारिक चैनल या अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। जांच में इस नाम के व्यक्ति के मारे जाने का कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह जानकारी फिलहाल प्रमाणित नहीं है।
