अमेरिका ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच चल रही न्यूक्लियर डील की बातचीत नाकाम रहती है, तो वह दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सिंगापुर में आयोजित रक्षा सम्मेलन में अमेरिकी रक्षा सचिव पेट हेगसेथ ने कहा कि वाशिंगटन के पास सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए पर्याप्त हथियार और ताकत मौजूद है। दोनों देशों के बीच महीनों से चल रहे तनाव को खत्म करने की कोशिशों के बीच यह बयान सामने आया है।

📰: अमेरिका ने दी ईरान को सीधी चेतावनी, कहा- डील नहीं हुई तो दोबारा सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है सेना

यूएस डिफेंस सेक्रेटरी पेट हेगसेथ ने क्या कहा?

सिंगापुर में शांग्री-ला डायलॉग के दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव पेट हेगसेथ ने कहा कि अगर कूटनीति काम नहीं करती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प अपनाने के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हेगसेथ के अनुसार, हालांकि बातचीत से समझौता होना अच्छी बात होगी, लेकिन अमेरिका हर स्थिति के लिए तैयार बैठा है।

डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नेताओं का इस पर क्या है रुख?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ कोई भी समझौता अमेरिकी शर्तों के अनुसार ही होगा। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, नहीं तो उन्हें युद्ध का सामना करना पड़ेगा। दूसरी तरफ, ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिकी वादों पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि तेहरान केवल कागजी वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होने वाले ठोस कामों पर ही भरोसा करेगा।

कुवैत पर मिसाइल हमले के बाद खाड़ी में बढ़ा तनाव

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कुवैत ने अपनी सीमा की तरफ आ रही ईरानी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे सीधा हमला बताते हुए ईरान की कड़ी निंदा की है। इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और चार ड्रोनों को तबाह कर दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम लागू है?

दोनों देशों के बीच 28 मई 2026 को संघर्ष विराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर एक अस्थायी सहमति बनी थी, लेकिन इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी और हस्ताक्षर होना अभी बाकी है।

हाल ही में कुवैत के पास क्या घटना हुई है?

कुवैत ने ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में नष्ट कर दिया था, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास में जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन और सैन्य ठिकानों पर हमले किए।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com