अमेरिका के ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ईरान के पास अपने तेल को स्टोर करने के लिए अब ज़्यादा जगह नहीं बची है और यह क्षमता काफी कम हो गई है। इस वजह से ईरान के लिए मौजूदा पाबंदियों के बीच तेल का उत्पादन जारी रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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ईरान के तेल स्टोरेज की असल स्थिति क्या है?

मार्केट डेटा कंपनी Kpler की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास जमीन पर तेल रखने की जो जगह बची है, वह मौजूदा उत्पादन के हिसाब से करीब 22 दिनों में पूरी तरह भर सकती है। कुछ अन्य रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि स्टोरेज की यह जगह दो हफ्ते से भी कम समय में खत्म हो जाएगी, जिसकी वजह से ईरान अब खराब क्वालिटी वाले स्टोरेज का इस्तेमाल करने पर मजबूर है।

अमेरिका के कड़े फैसलों का क्या प्रभाव पड़ा?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के तेल निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इस फैसले के बाद कई तेल टैंकर जिन्हें ईरान से तेल ले जाना था, उन्हें वापस ईरान लौटना पड़ा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने चेतावनी दी है कि इन पाबंदियों से ईरान के तेल सेक्टर पर दबाव बढ़ा है और अगर यही हाल रहा तो वहां पेट्रोल की किल्लत हो सकती है।

तेल की कीमतों और ग्लोबल मार्केट पर क्या असर होगा?

  • कीमतों पर नियंत्रण: Scott Bessent ने सुझाव दिया है कि Strait of Hormuz बंद होने की वजह से बढ़ रही तेल की कीमतों को रोकने के लिए अमेरिका उन टैंकरों से पाबंदी हटा सकता है जिनमें ईरान का तेल फंसा हुआ है।
  • उत्पादन में कटौती: जानकारों का कहना है कि स्टोरेज कम होने की वजह से ईरान को जल्द ही तेल उत्पादन में बड़ी कटौती करनी पड़ सकती है।
  • अमेरिकी नीति: ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने साफ किया है कि अमेरिका अपने खुद के ऊर्जा उत्पादों के निर्यात पर किसी भी तरह की रोक लगाने का विचार नहीं कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के तेल स्टोरेज की स्थिति इतनी खराब क्यों हुई है

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के तेल निर्यात पर ब्लॉक लगाया था, जिससे तेल बाहर नहीं जा सका और स्टोरेज टैंक तेजी से भर गए।

क्या इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ेंगे

Strait of Hormuz बंद होने और ईरान की सप्लाई घटने से कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसे रोकने के लिए अमेरिका फंसे हुए टैंकरों पर से पाबंदी हटाने पर विचार कर रहा है।