अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने बहरीन के मनामा में GCC देशों के विदेश मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की। इस मीटिंग में उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका ईरान के साथ किसी भी बातचीत के दौरान अपने खाड़ी सहयोगियों की सुरक्षा और तरक्की से कोई समझौता नहीं करेगा। Rubio ने साफ किया कि अमेरिका अपने पार्टनर्स के साथ पूरी तरह खड़ा है और उनकी स्थिरता को प्राथमिकता देगा।

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यह बैठक 25 जून 2026 को हुई, जो Rubio के 23 से 25 जून तक के खाड़ी दौरे का हिस्सा थी। मीटिंग में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान सहित कई देशों के मंत्री शामिल थे। Rubio ने कहा कि अमेरिका ऐसी कोई डील नहीं करेगा जिससे खाड़ी देशों की सुरक्षा या स्थिरता को खतरा हो। उन्होंने वादा किया कि ईरान के साथ होने वाली बातचीत और फैसलों में GCC देशों को शामिल किया जाएगा ताकि रणनीतिक साझेदारी मजबूत बनी रहे।

ईरान के साथ समझौता और शर्तें

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है, जिससे करीब चार महीने से चल रहा क्षेत्रीय संघर्ष खत्म हुआ है। हालांकि, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और मिलिशिया को दिए जाने वाले समर्थन जैसे बड़े मुद्दे अब भी नहीं सुलझे हैं। दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञ इस महीने के अंत तक स्विट्जरलैंड में फिर से बातचीत करेंगे। Rubio ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के साथ किसी भी कीमत पर डील नहीं करेगा, बल्कि यह समझौता असली और जांचने योग्य होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपनी शर्तों को नहीं माना, तो 60 दिनों के भीतर प्रतिबंधों में दी गई छूट वापस ली जा सकती है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर विवाद

Rubio ने ईरान के इस दावे को खारिज कर दिया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी एक देश की जागीर नहीं होते और ईरान वहां कोई टोल या फीस नहीं वसूल सकता। इसी बीच बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ़ बिन राशिद अल ज़यानी ने ओमान द्वारा बनाए गए अस्थायी समुद्री गलियारे का स्वागत किया, ताकि जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे। उन्होंने जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रुकना होगा और जहाजों की आवाजाही को बिना रोक-टोक चलने देना होगा।

खाड़ी देशों की चिंताएं

GCC देशों को डर है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते से उनकी राजनीतिक पकड़ और सुरक्षा कमजोर हो सकती है। कुछ देशों ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि अंतरिम समझौते में ईरान की मिसाइलों पर कोई रोक नहीं लगाई गई। इसके अलावा, अमेरिका और क्षेत्रीय पार्टनर्स द्वारा समर्थित 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण और विकास प्लान को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.