अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio मंगलवार, 23 जून 2026 को अबू धाबी पहुंचे। वह खाड़ी देशों के एक विशेष दौरे पर हैं ताकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोगियों से चर्चा करना और मध्य पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता पर तालमेल बिठाना है।
यह दौरा मंगलवार से शुरू होकर गुरुवार तक चलेगा, जिसमें Rubio यूएई के अलावा कुवैत और बहरीन भी जाएंगे। वह वहां के नेताओं और Gulf Cooperation Council (GCC) के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यह पूरा दौरा राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा पिछले हफ्ते साइन किए गए एक समझौते (MoU) के बाद हो रहा है, जिसमें युद्धविराम की बात कही गई है।
शांति समझौते और पैसों का मामला
जानकारी के मुताबिक, इस समझौते में ईरान के लिए 300 बिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज (reconstruction package) का प्रस्ताव है। इस पैकेज को लागू करने का तरीका अगले 60 दिनों के भीतर तय किया जाएगा। इसी बीच, स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत हुई, जिसमें लेबनान में लड़ाई को कम करने पर सहमति बनी। उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने भी रविवार को ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की थी।
खाड़ी देशों की चिंता और विवाद
भले ही अमेरिका शांति की बात कर रहा है, लेकिन खाड़ी देशों के नेता इस डील को लेकर काफी संशय में हैं। उन्हें डर है कि 300 बिलियन डॉलर का पैकेज मिलने से ईरान और ज्यादा ताकतवर हो जाएगा। साथ ही, इस समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, जिससे पड़ोसी देश परेशान हैं। हालांकि, राष्ट्रपति Trump ने कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता को रोकना गलत होगा।
जरूरी नियम और नए अपडेट
- समुद्री रास्ता: Marco Rubio ने साफ किया कि अंतिम समझौते में ईरान को Strait of Hormuz में टोल वसूलने की अनुमति नहीं मिलेगी, क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है।
- तेल का व्यापार: US Treasury ने 21 अगस्त तक के लिए एक विशेष छूट (General Licence X) जारी की है, जिससे अब अमेरिका में ईरानी तेल और अन्य सामान का आयात संभव होगा।
- नाविकों की रिहाई: इन बातचीत के जरिए Strait of Hormuz के पास फंसे करीब 11,000 नाविकों को निकालने की योजना पर भी सहमति बनी है।
अमेरिकी प्रवक्ता Tommy Pigott ने बयान दिया कि विदेश मंत्री Rubio और पूरा प्रशासन राष्ट्रपति Trump के फैसलों के साथ पूरी तरह खड़ा है। Rubio ने कहा कि वह खाड़ी देशों के विचारों को ध्यान से सुनेंगे ताकि बातचीत के दौरान उनके हितों का ख्याल रखा जा सके।
